भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भोपाल नगर निगम ने रिहायशी क्षेत्रों में नियमों के खिलाफ संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को निगम ने बड़े अभियान की शुरुआत करते हुए कई प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की। कार्रवाई से पहले ही 200 से ज्यादा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद कर दिए।
नगर निगम की टीम ने रोहित नगर से अभियान शुरू किया, जहां टैटू स्टूडियो, स्किन क्लीनिक और होटल सहित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान शहर के चिन्हित रिहायशी क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा।
रोहित नगर में पहली कार्रवाई, होटल भी सील
नगर निगम की कार्रवाई सबसे पहले रोहित नगर स्थित रुद्राक्ष स्क्वायर में हुई। यहां नियमों के विपरीत संचालित एक टैटू स्टूडियो और स्किन क्लीनिक को सील किया गया। इसके बाद सलैया स्थित आकृति इको सिटी में होटल राजमहल पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
निगम अधिकारियों ने बताया कि रोहित नगर फेज-2, बावड़ियाकलां और अन्य चिन्हित क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
200 से ज्यादा व्यापारियों ने खुद बंद किया कारोबार
नगर निगम की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही रोहित नगर, बावड़ियाकलां और अरेरा कॉलोनी क्षेत्र के 200 से अधिक व्यापारियों ने अपनी व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दीं।
कई दुकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर नोटिस लगाए गए, जिनमें लिखा था कि नगर निगम के आदेश के पालन में व्यवसाय बंद किया गया है।
100 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में चला अभियान
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए नगर निगम के अतिक्रमण अमले के साथ करीब 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिस और निगम की संयुक्त टीम ने पूरे अभियान को अंजाम दिया।
भाजपा नेता ने किया विरोध
बावड़ियाकलां में एक टैटू स्टूडियो को सील करने के दौरान भाजपा पार्षद शीला पाटीदार के पति और पूर्व पार्षद रामबाबू पाटीदार ने कार्रवाई का विरोध किया।
उन्होंने निगम अधिकारियों से कहा कि व्यापारियों को नोटिस देकर असमंजस की स्थिति में छोड़ दिया गया है। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और कार्रवाई जारी रही।
1018 प्रतिष्ठानों को जारी किए जा चुके हैं नोटिस
नगर निगम अब तक शहरभर में रिहायशी भवनों से संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 1018 नोटिस जारी कर चुका है।
इनमें सबसे ज्यादा 429 नोटिस अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां क्षेत्र में दिए गए हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक नोटिस के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
4 अगस्त तक दुकानें बंद रखने की अपील
व्यापारी संगठनों ने होटल, रेस्तरां, शोरूम और अन्य कारोबारियों से अपील की है कि वे 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखें।
हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि कुछ व्यापारियों ने टीम के जाने के बाद दोबारा दुकानें खोल लीं। नगर निगम उपायुक्त भुवन गुप्ता ने कहा कि पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और नियमानुसार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अधिकांश व्यापारियों ने स्वेच्छा से गतिविधियां बंद कर दी हैं, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई है।
अरेरा कॉलोनी में कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल
इस अभियान को लेकर सबसे ज्यादा सवाल अरेरा कॉलोनी को लेकर उठ रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के बावजूद शनिवार को कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रोहित नगर और बावड़ियाकलां में कार्रवाई हो सकती है तो अरेरा कॉलोनी में क्यों नहीं। शिकायतकर्ता विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित रही और प्रभावशाली लोगों से जुड़े प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2021-22 से इस मामले को उठा रहे हैं और आगामी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई में समान कार्रवाई का मुद्दा उठाएंगे।

