भोपाल। राजधानी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नशीली कफ सिरप के बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने खुलासा किया है। गांधी नगर में डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की कफ सिरप बरामद होने के बाद, परबलिया थाना क्षेत्र के मुबारकपुर में एक गुप्त गोदाम का पता चला, जहां 50 लाख रुपये कीमत की कफ सिरप स्टॉक की गई थी।
एसटीएफ ने तीन मुख्य मास्टरमाइंडों की पहचान उजागर की है। आरोपियों अर्जुन मालवीय (उर्फ राहुल कुशवाह), नितिन साहू (उर्फ निखिल कुशवाह) और सलमान (उर्फ बाबू भाई) ने पुलिस और कानून से बचने के लिए लगातार फर्जी नामों का इस्तेमाल किया। तीनों अभी फरार हैं, और उनके पकड़ने पर कुल 90 हजार रुपये का इनाम रखा गया है।
जांच में पता चला कि यह गिरोह केवल सिरप सप्लाई नहीं कर रहा था, बल्कि गांधी नगर में री-पैकिंग और री-सीलिंग फैक्ट्री भी संचालित कर रहा था। जब्त सिरप के नमूनों में कोडीन फॉस्फेट और अन्य प्रतिबंधित नशीले पदार्थ पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह बाजार में मिलने वाली सामान्य सिरप से कई गुना अधिक खतरनाक था।
एसटीएफ ने ग्रामीण इलाकों में इस रैकेट की सप्लाई की गहराई से जांच शुरू कर दी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह नशीली सिरप हरिद्वार की कंपनी के फर्जी स्टिकर के जरिए भोपाल तक कैसे पहुंच रही थी और इसमें स्थानीय दवा विभाग के कौन-कौन लोग शामिल थे।

