ओडिशा। ओडिशा की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। बीजू जनता दल ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने डॉ. दत्तेश्वर होता और डॉ. संत्रुप्त मिश्रा को राज्यसभा के लिए नामित किया है। इस फैसले को विशेषज्ञता-आधारित राजनीति की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है।
कौन हैं डॉ. संत्रुप्त मिश्रा?
बता दें डॉ. संत्रुप्त मिश्रा लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में शीर्ष नेतृत्व की भूमिका निभा चुके हैं। वे आदित्य बिड़ला समूह में ग्रुप डायरेक्टर (एचआर) रहे और बिड़ला कार्बन के सीईओ के तौर पर भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा समूह के केमिकल्स बिजनेस में डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल चुके है, शैक्षणिक रूप से भी उनकी प्रोफाइल मजबूत है। उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में और एस्टन बिजनेस स्कूल से इंडस्ट्रियल रिलेशंस में पीएचडी की है। 2024 की शुरुआत में उन्होंने बीजेडी जॉइन की और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने। वे कटक लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं। साथ ही वे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान राउरकेला के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन और तेल और प्राकृतिक गैस निगम के बोर्ड में डायरेक्टर रह चुके हैं।
चिकित्सा जगत का बड़ा नाम
डॉ. दत्तेश्वर होता ओडिशा के प्रतिष्ठित यूरोलॉजिस्ट माने जाते हैं। उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य तंत्र और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। वे ओडिशा सरकार में डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (DMET) रह चुके हैं। इसके अलावा वे कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डीन और प्रिंसिपल भी रहे हैं। चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और संस्थागत सुधार में उनकी भूमिका को खासा सराहा गया है।
बीजेडी का रणनीतिक संदेश
बीजेडी के इस फैसले से साफ है कि पार्टी अब पेशेवर अनुभव और क्षेत्रीय विशेषज्ञता को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व देना चाहती है। उद्योग और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों से जुड़े चेहरों को राज्यसभा भेजकर पार्टी नीति-निर्माण में ओडिशा की आवाज को और प्रभावशाली बनाना चाहती है।


