भोपाल। आदिवासियों की जमीनों को खरीदने के मामले को लेकर बीजेपी विधायक संजय पाठक की जांच के आदेश राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रदेश के चार जिलों के कलेक्टर को नोटिस दिए हैं। आयोग ने मध्यप्रदे सरकार में मंत्री रहे पाठक जबलपुर, सिवनी, डिडोरी, कटनी और उमरिया जिलों में आदिवासियों के नाम पर जमीन खरीद-फरोख्त के मामले यह जांच इन जिलों के कलेक्टरों को दिए हैं। आयोग का कहना है कि सभी कलेक्टर एक माह के अंदर जांच कर सौंपे।
एनसीएसटी का साफ कहना है कि जबलपुर, सिवनी, डिंडोरी, कटनी और उमरिया जिलों में विशेष संरक्षित जनजाति बैगा के साथ कूटनीति के तहत धोखाधड़ी की गई और करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति जमीनों के नाम पर विधायक संजय पाठक द्वारा जुटाई गई। शिकायतकर्ता दिव्यांशु मिश्रा उर्फ अंशु कटनी निवासी ने आयोग से शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि किया कि पाठक के परिवार ने 4 गरीब आदिवासियों के नाम का दुरुपयोग कर पांच जिलों में आदिवासी भूमि खरीदी।
शिकायत के बाद एनसीएसटी हुआ सक्रिय लिया संज्ञान
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिलों के कलेक्टरों से कहा है कि सभी कलेक्टर पत्र मिलने के बाद एक माह के अंदर प्रकरण में तथ्य और टिप्पणियां राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को सौंपे। आयोग के निर्देश पर डिंडोरी कलेक्टर ने जांच कर जानकारी भेज दी है, लेकिन चार कलेक्टरों जबलपुर, सिवनी, कटनी और उमरिया के कलेक्टर ने जानकारी नहीं दी है।
बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठक की बढ़ी मुश्किलें, आदिवासियों की जमीन खरीदी पर एनसीएसटी आयोग का शिकंजा, होगी जांच अनुसूचित जनजाति आयोग ने दिया चार जिलों कलेक्टरों को नोटिस


