भोपाल: दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भोपाल स्थित आवास पर हुई समीक्षा बैठक में हार के कारणों पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में भीतरघात के आरोप, स्थानीय संगठन की भूमिका और चुनावी रणनीति पर गंभीर चर्चा हुई।
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दतिया हार पर भाजपा की समीक्षा बैठक, भोपाल में होगा मंथन
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने उपचुनाव में हार की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और अंबाराम कराड़ा को पूरे मामले की जांच और समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीएम हाउस में हुई बैठक
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव परिणाम का विस्तृत विश्लेषण किया। बैठक में बूथ प्रबंधन, संगठन की कार्यशैली, स्थानीय समीकरण और चुनाव प्रचार सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने हार के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
आशुतोष तिवारी ने पेश किए दस्तावेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग
सूत्रों के अनुसार, भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी बैठक में कुछ दस्तावेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग लेकर पहुंचे। उन्होंने इन्हें वरिष्ठ नेताओं के सामने प्रस्तुत किया। बताया जा रहा है कि इन रिकॉर्डिंग में चुनाव के दौरान संगठन और स्थानीय स्तर पर हुई गतिविधियों से जुड़े कुछ अहम संकेत हैं, जिन पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
भीतरघात के आरोपों पर फोकस
समीक्षा बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा भीतरघात के आरोपों को लेकर हुई। सूत्रों के मुताबिक, दतिया और बरौनी क्षेत्र के कुछ पार्षदों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। पार्टी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं स्थानीय स्तर पर गुटबाजी या निष्क्रियता चुनावी हार की वजह तो नहीं बनी।
जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
भाजपा की दो सदस्यीय समिति पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी और आवश्यकता पड़ने पर संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

