बिहार। फतुहा रेलवे स्टेशन पर वह नज़ारा दिखा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। कुछ ही सेकंड में यात्रियों से भरी साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287) अफरा-तफरी, चीख-पुकार और हिंसा के बीच रणभूमि में बदल गई। कोचों में धक्का-मुक्की और मारपीट, प्लेटफ़ॉर्म पर दहशत में भागते लोग पूरा स्टेशन मानो अचानक अराजकता के साए में डूब गया। इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
ट्रेन के रुकते ही शुरू हुआ हंगामा
सूत्रों अनुसार, सुबह करीब 11:08 बजे साउथ बिहार एक्सप्रेस जैसे ही प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंची, कुछ स्थानीय बदमाश सीधे एस-6 कोच में घुस आए। इसी ट्रेन में दुर्ग से आरा जा रही एक बारात सवार थी। बदमाशों ने कोच में प्रवेश करते ही एच-1 कोच में जाने के लिए दरवाजे को जोर-जोर से ठोकना शुरू कर दिया। बारातियों ने जब इसका विरोध किया, तो मिनटों में माहौल तल्ख हो गया। जो बहसबाज़ी मारपीट में बदल गई और स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई।
कोचों में भगदड़
बता दें अचानक हुए हमले ने यात्रियों को घबराहट में डाल दिया। लोग कोचों से उतरकर प्लेटफॉर्म पर दौड़ने लगे। कई यात्री डर के मारे पटरियों पर कूदकर दूसरी तरफ भागने लगे। इसी अफरा-तफरी में बारात पक्ष का एक व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गया। सिर पर गंभीर चोट लगने से वह खून से लथपथ गिर पड़ा।
पुलिस पहुंचते ही हमलावर फरार
जानकारी अनुसार, मामला बिगड़ता देख तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी गई। रेल थाना फतुहा के थानाध्यक्ष मनोज कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन पुलिस की गाड़ियों की आवाज सुनते ही हमलावर स्टेशन से भाग निकले। पुलिस ने कोचों में जाकर स्थिति सामान्य की, घायलों को प्राथमिक उपचार दिलाया और यात्रियों को शांत कराया। घटना को लेकर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि- स्थिति पूरी तरह नियंत्रित कर ली गई है। पुलिस अब उन सभी बदमाशों की पहचान में जुटी है, जिन्होंने ट्रेन में घुसकर बवाल किया।
वहीं इस घटना के कारण 1 घंटा 8 मिनट तक साउथ बिहार एक्सप्रेस फतुहा स्टेशन पर खड़ी रही। यात्रियों में भय और बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी। आखिरकार माहौल शांत होने और घायलों की सहायता के बाद दोपहर 12:16 बजे ट्रेन को आगे रवाना किया गया।


