रेस्को मॉडल से बढ़ेगा ग्रीन एनर्जी मिशन
भोपाल। मप्र में शासकीय भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जिला पंचायत भोपाल में विभिन्न शासकीय संस्थाओं और रेस्को डेवलपर इकाइयों के बीच विद्युत क्रय अनुबंध (पीपीए) किए गए। इस दौरान नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रदेश को तेजी से ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ाना समय की जरूरत है और आने वाले वर्षों में हर घर और सरकारी भवन की छत पर सोलर पैनल दिखाई देने चाहिए।
मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार ऊर्जा और ईंधन बचत का संदेश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशानुसार प्रदेश में अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने लक्ष्य तय करते हुए कहा कि राज्य की 50 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें नवकरणीय स्रोतों से पूरी करने की दिशा में काम हो रहा है।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने रेस्को मॉडल को ‘शून्य निवेश और पहले दिन से बचत’ वाली प्रभावी योजना बताया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल सरकारी विभागों के बिजली खर्च में कमी लाने के साथ नेट-जीरो लक्ष्य हासिल करने में भी मदद करेगा। उन्होंने विभागों को समय पर भुगतान और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मप्र ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक अमनबीर सिंह बैंस ने बताया कि रेस्को पद्धति के तहत 3.78 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि 3 से 10 तारीख के बीच भुगतान करने पर 1 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जबकि देरी से भुगतान करने पर 1.5 प्रतिशत की पेनल्टी लगेगी।
सरकार का मानना है कि इस मॉडल के सफल क्रियान्वयन से सरकारी कार्यालय बिजली बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे और मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
कार्यक्रम में भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

