भोपाल: मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने और प्रदेश के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 से 9 सितंबर तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 (Annual Investment Meeting) में शामिल होंगे।
एआईएम कांग्रेस में दुनिया के विभिन्न देशों की सरकारों के साथ प्रमुख निवेशक, कंपनियां, सोवरिन वेल्थ फंड और फैमिली ऑफिस भाग लेते हैं। इस वर्ष 180 से अधिक देशों के करीब 20 हजार प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री इस मंच पर मध्यप्रदेश की औद्योगिक, कृषि और पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने रखेंगे।
बड़े निवेशकों और कंपनियों से करेंगे मुलाकात
मुख्यमंत्री का यह दौरा एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष और UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के आमंत्रण पर हो रहा है। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री प्रमुख निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे।
कार्यक्रम के तहत आमंत्रण-आधारित ‘टाइकून्स’ सत्र भी होगा, जिसमें करीब 500 सोवरिन वेल्थ फंड, फैमिली ऑफिस और बड़े कारोबारी शामिल होंगे। इसके अलावा डीपी वर्ल्ड, वीएफएस ग्लोबल, ईएमएएआर, चोयथराम, शराफ ग्रुप और केजीके जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं।
‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’ सत्र में बताएंगे निवेश के अवसर
दुबई में ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’ सत्र के दौरान प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध संसाधनों और कारोबारी अवसरों की जानकारी दी जाएगी। मध्यप्रदेश पवेलियन में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट) के तहत तैयार उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए नए अवसर तलाशना है।
GIS-2027 की तैयारियों को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री का UAE दौरा भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2027 की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि दुबई में संभावित निवेशकों और कंपनियों से संपर्क स्थापित कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाए।
एआईएम कांग्रेस के पिछले आयोजन में 181 देशों के करीब 15,800 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस बार भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के बीच मध्यप्रदेश अपनी निवेश क्षमता और कारोबारी संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत करेगा।

