नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार सुबह 9 बजे जंतर-मंतर से संसद तक ‘चलो संसद’ मार्च का ऐलान किया है। मार्च से पहले ही जंतर-मंतर पर करीब 10 हजार प्रदर्शनकारी जुट चुके हैं। प्रदर्शन पूरी रात जारी रहा और देर रात तक बड़ी संख्या में लोग आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंचते रहे।
सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी। हालांकि दिल्ली पुलिस ने स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया। पुलिस का कहना है कि संसद मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई थी और न ही अनुमति दी गई है।
CJP फाउंडर ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण मार्च निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे आंदोलन की छवि खराब हो। उनका कहना है कि संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।
सुरक्षा के मद्देनजर कई मेट्रो स्टेशन बंद
संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से राजधानी के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इनमें जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा भवन मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, संसद तक मार्च निकालने के लिए किसी प्रकार की आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई है। पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखीं तीन शर्तें
दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए सरकार के सामने तीन शर्तें रखी हैं-
• सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक की जिम्मेदारी स्वीकार करे।
• CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने की अनुमति मिले और सांसद इस मुद्दे को सदन में उठाने का आश्वासन दें।
• यदि स्वास्थ्य कारणों से यह संभव नहीं हो, तो सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर उन्हें यही आश्वासन दें।
फिलहाल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संसद मार्च को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

