भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने शिक्षकों के वेतन से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही मांग पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने के साथ सिंचाई, कृषि, शिक्षा और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने फैसलों की जानकारी दी। सरकार ने करीब 90 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने के लिए प्रशासनिक मंजूरी दी है। इसमें 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं भी शामिल हैं।
इन शिक्षकों को नियुक्ति की तारीख से मिलेगा नियमित वेतनमान
कैबिनेट का एक बड़ा फैसला जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों से जुड़ा है। वर्ष 1973-74 से 1997-98 के बीच नियुक्त अलग-अलग संवर्ग के शिक्षकों को अब उनकी मूल नियुक्ति की तारीख से नियमित वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसमें उप शिक्षक, उपशाला शिक्षक, प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक, कनिष्ठ बोर्ड एवं ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना के माध्यम से नियुक्त शिक्षक और सहायक शिक्षक शामिल हैं। खास बात यह है कि पात्र शिक्षकों को केवल नियमित वेतनमान का लाभ ही नहीं मिलेगा, बल्कि सरकार ने बकाया एरियर के भुगतान को भी मंजूरी दी है। लंबे समय से वेतन संबंधी लाभ की मांग कर रहे शिक्षकों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा वर्ष 2016-17 में माध्यमिक स्कूलों के उन्नयन के बाद बनाए गए चार हाई स्कूलों के लिए जरूरी पदों के सृजन और उनकी संरचना को भी मंजूरी दी गई।
₹13 हजार करोड़ से ज्यादा की सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी
प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया। जल संसाधन विभाग की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को जारी रखने और गोंड वृहद सिंचाई परियोजना को वर्ष 2031 तक आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने और किसानों तक पानी पहुंचाने पर जोर रहेगा।
लाड़ली बहनों को मिले ₹250 के अतिरिक्त उपहार का अनुमोदन
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को रक्षाबंधन पर दी गई ₹250 की अतिरिक्त राशि से जुड़ी कार्रवाई का भी औपचारिक अनुमोदन किया। वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खाद्यान्न खरीदी की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए निर्धारित ऋण सीमा के पुनर्भुगतान हेतु ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
लॉ कॉलेजों के शिक्षकों को 7वें वेतनमान का लाभ
शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक और फैसला शासकीय अनुदान प्राप्त अशासकीय Law Colleges के कर्मचारियों के लिए लिया गया है। इन कॉलेजों में पदस्थ प्राचार्य, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, खेल अधिकारी और ग्रंथपाल को UGC के 7वें वेतनमान का लाभ देने की मंजूरी दी गई है।

