लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर एक दिलचस्प उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सामने एक बड़ा मुकदमा है, जिसका केस नंबर 2047 है। इसका विषय विकसित भारत है और देश के 140 करोड़ नागरिक इसके याची हैं। उन्होंने कहा कि इस मुकदमे को जीतने के लिए मजबूत तथ्य, साक्ष्य, तर्क और ईमानदार वकीलों की जरूरत है।
कौन हैं विकसित भारत के केस में प्रतिवादी?
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस मुकदमे में प्रतिवादी कोई व्यक्ति या राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि वे लोग हैं जो पुरानी व्यवस्था को ही सही मानते हैं और बदलाव स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग किसी नए विचार को सुनने से पहले ही उसका विरोध करने लगते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने छात्रों से सवाल किया कि यदि उन्हें विकसित भारत के इस मुकदमे में वकील बनाया जाए तो वे किस तरह अपनी दलील पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए केवल बातें करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर दावे के पीछे मजबूत प्रमाण और तर्क भी होने चाहिए।
2014 के बदलाव और अनुच्छेद 370 का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 16 मई 2014 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दिन 30 वर्षों के बाद देश में किसी एक राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने।
उन्होंने कहा कि सुधार का मतलब केवल नए कानून बनाना नहीं, बल्कि पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाना भी है। मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का उदाहरण देते हुए इसे बड़े बदलाव की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। इस फैसले से देश में एक संविधान, एक ध्वज और एक विधान की व्यवस्था को मजबूती मिली। सर्वोच्च न्यायालय ने भी अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को बरकरार रखा।
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कानून के छात्रों को दिया खास संदेश
दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाले भाषण कई बार लंबे हो जाते हैं, लेकिन छात्रों को उन बातों पर ध्यान देना चाहिए जो उनके करियर में काम आएंगी।
उन्होंने केशवानंद भारती और के. पुट्टास्वामी जैसे महत्वपूर्ण न्यायिक मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के क्षेत्र में तथ्यों और मजबूत तर्कों का विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 में भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा। ऐसे में विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार के साथ प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

