मुंबई: देश के करोड़ों लोगों की पसंदीदा कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली कंपनी अब शेयर बाजार में उतरने जा रही है। कोका-कोला इंडिया की भारतीय बॉटलिंग यूनिट हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस (HCCB) की पैरेंट कंपनी हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स लिमिटेड (HCCH) ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने इसके लिए मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है।
IPO में बेचे जाएंगे करीब 100 करोड़ शेयर
कंपनी का यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा। इसके तहत हिंदुस्तान कोका-कोला ओवरसीज होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड करीब 99.74 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेगी। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर रखी गई है। इस प्रक्रिया में कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बाजार में बेचेंगे। इसलिए IPO से मिलने वाली रकम सीधे शेयर बेचने वाले हिस्सेदार को मिलेगी।
IPO के लिए बड़ी कंपनियों को मिली जिम्मेदारी
इस सार्वजनिक निर्गम को मैनेज करने के लिए कई बड़े वित्तीय संस्थानों को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटीग्रुप, जेपी मॉर्गन, मॉर्गन स्टेनली, एक्सिस कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स और IIFL कैपिटल सर्विसेज शामिल हैं।
भारत कंपनी के लिए पांचवां सबसे बड़ा बाजार
अमेरिका के अटलांटा में मुख्यालय रखने वाली कोका-कोला के लिए भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा बाजार है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारत उसका तीसरा सबसे बड़ा ग्लोबल मार्केट बन सकता है। इसी संभावना को देखते हुए कंपनी भारतीय बाजार में अपने वितरण नेटवर्क और उत्पादों की पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही है।
जून तिमाही में रेवेन्यू में 20% से ज्यादा की बढ़ोतरी
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में इसके कारोबार में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू 20.46% बढ़कर 4,310.17 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, कंपनी के कुल सेल्स वॉल्यूम में भी 18.61% की बढ़ोतरी हुई। ये आंकड़े भारतीय बाजार में कंपनी के उत्पादों की बढ़ती मांग की ओर इशारा करते हैं।
जुबिलेंट बेवरेजेस के पास भी है 40% हिस्सेदारी
कंपनी के शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में भी बदलाव हुआ है। साल 2025 में जुबिलेंट बेवरेजेस ने HCCH में 40% हिस्सेदारी हासिल की थी। फिलहाल हिंदुस्तान कोका-कोला ओवरसीज होल्डिंग्स के पास 60% हिस्सेदारी है। IPO के बाद इस हिस्सेदारी को घटाकर 45% करने की योजना है।
61 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले बाजार पर नजर
कंपनी के DRHP के अनुसार, उसके प्रमुख कारोबार वाले राज्यों की कुल आबादी करीब 61.69 करोड़ है। इन क्षेत्रों में देश के आठ सबसे बड़े महानगरों में से पांच शामिल हैं। यहां प्रति व्यक्ति GDP राष्ट्रीय औसत से लगभग 1.5 गुना अधिक है।
कंपनी के मुताबिक, इन राज्यों में नॉन-अल्कोहलिक रेडी-टू-ड्रिंक (NARTD) बेवरेज मार्केट का आकार वित्त वर्ष 2026 में 637.3 अरब रुपये था। अनुमान है कि यह बाजार वित्त वर्ष 2031 तक बढ़कर 1,183.2 अरब रुपये हो सकता है। इसके लिए 13.17% की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) का अनुमान लगाया गया है।
डिस्ट्रीब्यूशन और नए प्रोडक्ट पर रहेगा जोर
कंपनी अपनी आगे की रणनीति के तहत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने, नए उत्पादों को बाजार में उतारने और अलग-अलग कीमतों पर उत्पाद उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य छोटे शहरों और नए ग्राहकों तक भी अपनी पहुंच बढ़ाना है।
यह भी पढ़ें: अपना गार्डन के समीप मिला नवजात का शव, पुलिस जांच में जुटी
क्या होता है OFS और DRHP?
DRHP वह दस्तावेज होता है, जिसे कंपनी IPO लाने से पहले SEBI के पास जमा करती है। इसमें कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, जोखिम और IPO से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां होती हैं। वहीं, OFS में कंपनी नए शेयर जारी नहीं करती, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं। ऐसे IPO से मिलने वाली रकम कंपनी के खाते में जाने के बजाय शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलती है।
कोका-कोला की भारतीय बॉटलिंग कंपनी का यह प्रस्तावित IPO भारतीय शेयर बाजार के बड़े इश्यू में शामिल हो सकता है। हालांकि, IPO की अंतिम तारीख, प्राइस बैंड और निवेशकों के लिए शेयरों की कीमत जैसी जानकारियां आगे की प्रक्रिया में सामने आएंगी।

