नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर मजबूत कमाई दर्ज करने के बावजूद सॉफ्ट ड्रिंक कंपनी कोका-कोला को भारत में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान बड़ा झटका लगा है। कंपनी ने माना है कि बढ़ती लागत, पैकेजिंग की कमी और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के कारण उसका मार्केट शेयर प्रभावित हुआ है।
एल्युमिनियम और सप्लाई संकट बना बड़ी वजह
कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जॉन मर्फी ने बताया कि दूसरी तिमाही में भारत में कोका-कोला का मार्केट शेयर घटा है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण एल्युमिनियम कैन की सप्लाई प्रभावित हुई, जिसका सीधा असर भारत में डाइट कोक की उपलब्धता पर पड़ा। इसके अलावा एल्युमिनियम और पीईटी प्लास्टिक की कीमतों में उम्मीद से अधिक बढ़ोतरी ने भी कंपनी की लागत बढ़ा दी।
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₹11 से ₹40 वाले सेगमेंट में सबसे ज्यादा असर
कंपनी के अनुसार, ₹11 से ₹40 के मिड-टियर प्राइस सेगमेंट में सही पैकेजिंग साइज की कमी के कारण उसे बाजार में नुकसान उठाना पड़ा। इसी वजह से इस श्रेणी में प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स के मुकाबले कंपनी की हिस्सेदारी कम हो गई। जॉन मर्फी ने कहा कि नई पैकेजिंग उपलब्ध होने के बाद कंपनी को उम्मीद है कि वह अपना खोया हुआ मार्केट शेयर दोबारा हासिल कर लेगी।
मांग बढ़ने पर विदेश से मंगाने पड़े कैन
कंपनी ने बताया कि डाइट कोक की मांग बढ़ने के बाद बड़े आकार के एल्युमिनियम कैन दक्षिण-पूर्व एशिया से मंगाने पड़े। इसी दौरान बढ़ती लागत के चलते भारत में कंपनी ने अपने कुछ उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की।
भारत को लेकर कंपनी का भरोसा बरकरार
मार्केट शेयर में गिरावट के बावजूद कोका-कोला के अंतरराष्ट्रीय विकास अध्यक्ष एनरिक ब्राउन और CFO जॉन मर्फी ने भारत को कंपनी के लिए सबसे अहम और तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बताया।
कंपनी का कहना है कि वह भारत में अपने कारोबार का विस्तार जारी रखेगी और आने वाले समय में यहां निवेश बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।

