भोपाल: मध्यप्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी ने नामांकन दाखिल किया है। खास बात यह है कि कांग्रेस ने लोहानी को समर्थन देने का ऐलान किया है। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने कहा है कि पार्टी के सभी विधायक निर्दलीय प्रत्याशी के साथ हैं।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए बाहरी उम्मीदवार उतारे जाने पर सवाल उठाए हैं। विधायक हेमंत कटारे का कहना है कि प्रदेश में योग्य और अनुभवी नेताओं की कमी नहीं है, तो फिर राज्यसभा के लिए बाहर के प्रत्याशी को क्यों भेजा जाए?
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने राजकुमार लोहानी के समर्थन का फैसला किया है। अब भाजपा के हरदीप सिंह पुरी और निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी के बीच मुकाबला दिलचस्प हो गया है। राज्यसभा उपचुनाव में आगे क्या सियासी समीकरण बनते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे प्रस्तावक बने
राजकुमार लोहानी ने सोमवार को विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने अपना नामांकन जमा किया। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे उनके प्रस्तावक बने। नामांकन के दौरान विधायक आतिफ अकील, अभिजीत शाह, सुरेंद्र सिंह हनी बघेल और कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
कटारे ने कहा कि नामांकन दाखिल करने की सोमवार को अंतिम तारीख थी। राजकुमार लोहानी ने चुनाव में कांग्रेस विधायकों से सहयोग मांगा है। सभी कांग्रेस विधायकों ने उन्हें पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है। हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार है।
मीनाक्षी जैसे ‘नामांकन रद्द करने की आशंका
कटारे ने आशंका जताई कि जिस तरह मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म कथित तौर पर षड्यंत्रपूर्वक और गैर-संवैधानिक तरीके से निरस्त किया गया था, उसी तरह भाजपा के शासन-प्रशासन के दबाव में राजकुमार लोहानी का फॉर्म भी निरस्त किया जा सकता है। उन्होंने चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने और चुनाव की निगरानी करने की मांग की।
भोपाल के घोड़ा नक्कास में रहते हैं लोहानी
राजकुमार लोहानी भोपाल के पुराने शहर इलाके में घोड़ा नक्कास के रहने वाले हैं। वे हायर सेकेंडरी पास हैं और मोबाइल एसेसरीज की दुकान चलाते हैं।
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क्या है जीत का समीकरण?
मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए सामान्य परिस्थितियों में 116 मतों के कोटे की आवश्यकता होती है। हालांकि, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान प्रक्रिया में हिस्सा न ले पाने के कारण अब 229 विधायकों के आधार पर चुनावी गणित तय होगा।
इस उपचुनाव में बीना से विधायक निर्मला सप्रे की भूमिका पर भी नजरें हैं। आधिकारिक तौर पर वे खुद को कांग्रेस में बताती हैं, लेकिन लगातार भाजपा के कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई देती हैं। दलबदल से जुड़े मामले के कारण उनके वोट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके बाद ही दोनों दलों के अंतिम मत-आंकड़ों की तस्वीर साफ हो पाएगी।

