भोपाल। राजनीति में विरोध और समर्थन एक अहम पार्ट माना जाता है, लेकिन जब विरोध का तरीका अजीब और गरीब हो तो आमजनता से लेकर मीडिया में यह सुर्खिया बनजाना स्वभाविक है। प्रदेश की राजनीति में मौजूदा दौर में कुछ इसीतर के विरोध की चर्चा हो रही है। हम बात कर रहे हैं कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल की जिन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा में शीर्षासन लगाकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया और सुर्खिया बटोरी। चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
दरअसल, श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के समक्ष शीर्षासन कर अपना विरोध दर्ज करा कर सभी चौंका दिया। विधायक का आरोप है कि राज्य सरकार के दबाव में उन पर एक के बाद एक 17 झूठी प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईर) दर्ज की गई हैं।
विधायक जंडेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पिछले एक माह में ही उन पर तीन नए मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए कहा कि सदन में आश्वासन मिलने के बावजूद पुलिसिया उत्पीड़न कम नहीं हो रहा है।
असत्य आरोप से पीड़ित होकर किया विरोध
हाल ही में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित ’शिव बारात’ में हर्ष फायरिंग (उल्लास में गोली चलाना) को लेकर उन पर मामला दर्ज किया गया है। विधायक की सफाई है कि उन्होंने अपनी वैध बंदूक से केवल एक फायर किया था और उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। सदन के भीतर भी कांग्रेस के सचेतक सोहनलाल बाल्मीक ने इस मुद्दे को उठाते हुए मामलों की निष्पक्ष जांच और उन्हें निरस्त करने की मांग की।
श्योपुर से कांग्रेस विधायक का अनोखा विरोध, सर के बल खड़े होकर जताया गुस्सा


