नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी इजराइल दौरे को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने फलस्तीनी जनता के प्रति भारत के ऐतिहासिक समर्थन को कमजोर कर दिया है। कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि सरकार फलस्तीन के पक्ष में दिखावटी बयानबाजी करती है, जबकि वास्तविक नीति इससे विपरीत है।
कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री ऐसे समय इजराइल जा रहे हैं जब गाज़ा पट्टी में आम नागरिकों पर लगातार हमले हो रहे हैं और वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों को बेदखल किया जा रहा है, जिसकी वैश्विक स्तर पर आलोचना हो रही है। अपने दो दिवसीय दौरे में प्रधानमंत्री इजराइल की संसद नेसेट को संबोधित करेंगे और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तथा राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से भेंट करेंगे।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि इज़राइल की आंतरिक राजनीति में भी यह यात्रा विवादों में घिरी है, क्योंकि वहां विपक्ष मोदी के संसद संबोधन का बहिष्कार करने की धमकी दे रहा है। पार्टी ने याद दिलाया कि भारत ने 1988 में फलस्तीन को औपचारिक रूप से देश के रूप में मान्यता दी थी, लेकिन मौजूदा नीतियां उस सिद्धांत से अलग होती दिखाई देती हैं। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को इजराइल के लिए रवाना होंगे। उनकी यह यात्रा भारत-इजराइल संबंधों को नई दिशा दे सकती है, लेकिन घरेलू राजनीति में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के इजराइल दौरे पर कांग्रेस को आपत्ति, फलस्तीन नीति पर उठे सवाल


