बालाघाट: जिले के आदिवासी क्षेत्रों में 32 बच्चों की मौत का मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। रविवार को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। उन्होंने मृत बच्चों के परिवारों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर हालात की जानकारी ली।
इस दौरान कांग्रेस सेवादल की ओर से गांव में मेडिकल कैंप लगाया गया, जहां ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री भी दी गई।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत को लेकर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने मामले में स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग की। उनका कहना था कि प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने मांग की कि आदिवासी इलाकों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की तैनाती की जाए, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जाए और प्रभावित परिवारों की काउंसलिंग की व्यवस्था भी हो।
पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता जांचने की मांग
कांग्रेस नेता ने ग्रामीण क्षेत्रों में दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल किए। उन्होंने सप्लीमेंट की जांच कराने और गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि प्रशासन बच्चों की मौत से जुड़े वास्तविक आंकड़ों को सामने नहीं ला रहा है। उन्होंने मच्छरदानी वितरण को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो काम प्रशासन को करना चाहिए, उसमें कांग्रेस कार्यकर्ता और सामाजिक संस्थाएं आगे आ रही हैं।
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राहुल गांधी के बालाघाट आने के भी दिए संकेत
श्रीनिवासन ने कहा कि प्रभावित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी। राहुल गांधी के बालाघाट आने से जुड़े सवाल पर उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर वे भी प्रभावित आदिवासी परिवारों से मिलने यहां आ सकते हैं।
दौरे के दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान और जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

