भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र इस बार औपचारिकता नहीं, बल्कि टकराव का अखाड़ा बनने जा रहा है। कफ सिरप जब्ती मामला, इंदौर के भागीरथपुरा विवाद और कथित स्लॉटर हाउस कांड ने विपक्ष को सरकार पर आक्रमक रुख अपनाने का मौका दिया है।
सत्र 18 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा और इसी दौरान 4.80 लाख करोड़ रुपये का पेपरलेस बजट पेश किया जाएगा। परंतु राजनीतिक माहौल इतना गर्म है कि पहले ही दिन नारेबाजी और हंगामे के आसार हैं।
कफ सिरप जब्ती पर सियासत तेज
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में नशे का नेटवर्क बढ़ रहा है और प्रशासन लापरवाह है। सरकार का जवाब है कि लगातार अभियान चल रहे हैं और सप्लाई चेन की जांच की जा रही है।
भागीरथपुरा और स्लॉटर हाउस मुद्दे से बढ़े तनाव
भागीरथपुरा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और विवादित प्रशासनिक कार्रवाई को विपक्ष कानून-व्यवस्था की विफलता बताकर उठाएगा।
वहीं स्लॉटर हाउस कांड में तीन मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग भी उठ सकती है।
बजट के बीच मुश्किलें
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान तीखी बहस तय मानी जा रही है। यदि विवाद बढ़ा, तो विधायी कार्य बाधित होने की भी आशंका है। सरकार विकास और निवेश एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष जवाबदेही पर जोर देगा।
कफ सिरप, भागीरथपुरा विवाद और स्लॉटर हाउस कांड से गरमाया विधानसभा, पहले दिन से टकराव के आसार


