शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में हुए दो चर्चित हत्याकांडों में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। बुढ़ार के एक हत्याकांड में पांच दोषियों और शहडोल के दोहरे हत्याकांड में दो दोषियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों मामलों में आरोपियों ने घातक हथियारों से हमला किया था, जिसके बाद पीड़ितों की मौत हो गई थी।
बुढ़ार में हमले के बाद इलाज के दौरान हुई थी मौत
बुढ़ार के वार्ड नंबर-15, टिकुरीटोला में 27 मई 2024 की रात करीब नौ बजे जोगेंद्र सिंह और उसके साथियों पर लाठी-डंडे और हॉकी से हमला किया गया था। आरोपियों ने कुशमी कोल के घर के सामने घात लगाकर वारदात को अंजाम दिया था। गंभीर रूप से घायल जोगेंद्र सिंह बघेल को इलाज के लिए जबलपुर ले जाया गया, जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई।
इस मामले में अपर सत्र न्यायालय बुढ़ार ने लाला बैगा उर्फ मड़दा, अंजू उर्फ अंजली द्विवेदी, प्रियंका मिश्रा, अलका उर्फ शैलजा द्विवेदी और आभा द्विवेदी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
13 नवंबर 2023 को दोहरे हत्याकांड से दहला था शहडोल
दूसरा मामला कोतवाली शहडोल क्षेत्र की रेलवे कॉलोनी का है। दीपावली के दूसरे दिन 13 नवंबर 2023 की रात मामूली कहासुनी के बाद दो युवकों रिजवान कुरैशी और शीनू लक्ष्मणन की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अदालत ने सचिन मोजरकार और उसके भाई चंद्रशेखर मोजरकर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
तलवार और धारदार हथियारों से किया था हमला
अभियोजन के अनुसार, कहासुनी के बाद आरोपियों ने रिजवान और शीनू पर तलवार समेत अन्य घातक हथियारों से हमला किया था। इस वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें दोनों युवकों पर धारदार हथियार से हमला किए जाने का दावा किया गया था। घटना के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी।
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दोनों मामलों में लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला
बुढ़ार हत्याकांड में अदालत ने 25 अगस्त को फैसला सुरक्षित रखा था, जिसके बाद आज सजा सुनाई गई। वहीं शहडोल के दोहरे हत्याकांड में भी लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस तरह दोनों अलग-अलग मामलों में कुल सात दोषियों को उम्रकैद मिली है।

