जयपुर। उत्तर भारत में मौसम ने अचानक खतरनाक करवट ले ली है। पाकिस्तान की ओर से उठे शक्तिशाली रेतीले तूफान ने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम के इस बड़े बदलाव ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं कई राज्यों में जान-माल का भारी नुकसान भी हुआ है।
धूल के गुबार से थम गई रफ्तार
राजस्थान के चूरू, श्रीगंगानगर, बीकानेर और सीकर में शनिवार दोपहर ऐसा नजारा देखने को मिला मानो शाम हो गई हो। 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी ने पूरे इलाके को धुंधला कर दिया। कई जगहों पर विजिबिलिटी बेहद कम हो गई और लोगों को दिन में ही वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों बाद इतना भयावह रेतीला तूफान देखने को मिला है। कई इलाकों में रेत के विशाल बवंडर आसमान तक उठते दिखाई दिए। लोगों ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए घरों और दुकानों में शरण ली।
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पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम बदलाव की बड़ी वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पाकिस्तान क्षेत्र से बने दबाव तंत्र के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम अचानक बदल गया। इसके प्रभाव से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है।
48 लोगों की मौत
सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश से 31 लोगों की मौत हो गई। सहारनपुर में अचानक आए तेज बहाव में कई वाहन बह गए, जबकि कई जिलों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ।
वहीं बिहार में आंधी, बारिश और वज्रपात की घटनाओं में 17 लोगों की जान चली गई। पटना एयरपोर्ट पर मौसम खराब होने के कारण कई उड़ानें प्रभावित हुईं और यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।
मध्य प्रदेश, पंजाब और झारखंड में भी असर
वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना समेत कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इसी के साथ ही पंजाब के पठानकोट में ओलावृष्टि हुई, जबकि मोहाली और चंडीगढ़ में तेज बारिश दर्ज की गई। झारखंड में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से चार लोगों की मौत की खबर है।
बारिश सामान्य से कम रहने के संकेत
बता दें भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून अगले सात दिनों में केरल पहुंच सकता है। हालांकि इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका जताई गई है। अनुमान है कि जून से सितंबर के बीच देश में लगभग 78 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है, जबकि सामान्य औसत 87 सेंटीमीटर माना जाता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो का प्रभाव मानसून की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
अगले 48 घंटे बेहद अहम
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में तेज हवाओं, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
गर्मी से राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए मौसम में बदलाव राहत लेकर आया है। कई शहरों में तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेज आंधी, बिजली गिरने और अचानक मौसम परिवर्तन के दौरान लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आने वाले दिनों में उत्तर भारत की तस्वीर बदल सकता है और मानसून की औपचारिक दस्तक का रास्ता भी तैयार कर सकता है।

