नई दिल्ली/जम्मू/देहरादून/शिमला। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जहां एक ओर बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत दिलाई है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग करीब साढ़े 11 घंटे तक बंद रहा। हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश से सड़कें, बिजली और पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
जम्मू-कश्मीर में फिर बादल फटा, सड़क बह गई
जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने की घटना ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण कई इलाकों में पानी भर गया, जबकि एक सड़क बह गई। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है तथा लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
बदरीनाथ हाईवे पर 8 हजार से ज्यादा श्रद्धालु फंसे
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पगलानाला और गुलाबकोटी के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया। इसके कारण हाईवे करीब 11 घंटे 30 मिनट तक बंद रहा। दोनों ओर लगभग 8 हजार से अधिक श्रद्धालु और यात्री फंस गए। सीमा सड़क संगठन और प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर शाम को यातायात बहाल कराया।
हिमाचल प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं। चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ से मंदिर के पास बना अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया, जिससे करीब 30 श्रद्धालु फंस गए। प्रदेश में 46 सड़कें बंद हैं, जबकि 181 बिजली ट्रांसफार्मर और 6 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत को गर्मी से राहत
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर-पश्चिम भारत को कवर कर लिया है। राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। दिल्ली का अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुजरात, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अत्यधिक बारिश की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, ओडिशा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बिहार, झारखंड, तेलंगाना, केरल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में राहत की बारिश
पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में मानसूनी बारिश से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पंजाब में अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस कम और न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। इससे लोगों को लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है।
असम में अब भी 25 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। धेमाजी और डिब्रूगढ़ जिले सबसे अधिक प्रभावित बने हुए हैं। राज्य के 52 गांव अब भी जलमग्न हैं और करीब 393 एकड़ कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है। राहत शिविरों के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
मौसम विभाग की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

