दिल्ली। सरकार ने स्कूली शिक्षा को भविष्य के अनुरूप ढालने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है। बता दें राजधानी के 100 सरकारी स्कूलों में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब्स की शुरुआत की गई है, जिससे हजारों छात्रों को डिजिटल स्किल्स सीखने का सीधा मौका मिलेगा।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ नए शैक्षणिक केंद्र
इस पहल के तहत सर्वोदय विद्यालय, मानसरोवर गार्डन और डीआईईटी, दिलशाद गार्डन में नवनिर्मित चार मंजिला भवनों का भी लोकार्पण किया गया। इन इमारतों को स्मार्ट क्लासरूम, टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली लर्निंग स्पेस और शिक्षक प्रशिक्षण के आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
सरकारी स्कूलों में टेक्नोलॉजी आधारित पढ़ाई पर जोर
इस पर सरकार का कहना है कि इन नई कंप्यूटर लैब्स के जरिए छात्रों को कोडिंग, डिजिटल लिटरेसी और आधुनिक आईटी कौशल से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्कूलों के छात्र भी तकनीकी रूप से उतने ही सक्षम हों, जितने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे। पिछले एक वर्ष के दौरान दिल्ली की शिक्षा प्रणाली में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। इनमें निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण, नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है। सरकार का फोकस गुणवत्ता, समान अवसर और समावेशी शिक्षा पर रहा है।
सरकार का मानना है कि बेहतर संसाधनों और आधुनिक माहौल से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो पाएंगे। इस मॉडल के जरिए सरकारी और निजी स्कूलों के बीच की खाई को कम करने की कोशिश की जा रही है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, विधायक हरीश खुराना और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम बताया और सरकार के शिक्षा विजन की सराहना की।


