डिण्डौरी। मध्य प्रदेश के डिण्डौरी जिले के शहपुरा तहसील में जमीन नामांतरण से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आते ही ग्रामीणों में रोष फैल गया है। एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उनके असली भूमि दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करते हुए जमीन का फर्जी नामांतरण कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि शहपुरा निवासी विजय कुमार सोनी ने बिना उनकी सहमति के उनके नाम पर भूमि रिकॉर्ड में बदलाव करा दिए।
धोखाधड़ी का खुलासा होते ही किसान एकजुट हो गए और सुबह 10 बजे से एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। इपजपदह ठंड के बावजूद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या धरने में मौजूद रही। प्रदर्शनकारी पूरी रात ठंड में डटे रहे और लगातार न्याय की मांग करते रहे।
किसानों की प्रमुख मांग है कि पूरे घोटाले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों को चाहे वे रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी हों या रिकॉर्ड बदलने में शामिल कर्मचारी सभी को कड़ी सजा दी जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन जिलेभर में फैलाया जाएगा।
एसडीएम कार्यालय पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसान नेताओं का कहना है कि यह कोई एक गांव का मामला नहीं, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की धांधलियों की आशंका है। पीड़ितों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक सभी संदिग्ध नामांतरण पर रोक लगाई जाए। ग्रामीणों ने साफ कहा है, न्याय मिलने तक धरना नहीं छोड़ा जाएगा। यह आंदोलन अब किसानों की हक और सुरक्षा की लड़ाई बन चुका है।
डिण्डौरी नामांतरण घोटाला, किसानों के दस्तावेजों से फर्जी खेल, एसडीएम कार्यालय पर सर्द रात में डटा धरना
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