नई दिल्ली: राजधानी में महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में ‘दुर्गा योजना’ के लिए डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक ऑटो का मालिक बनने और खुद ड्राइविंग कर आजीविका कमाने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें स्वरोजगार के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिल सकती है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सुरक्षित परिवहन सेवाओं से जोड़ना दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। दुर्गा योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत महिलाएं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग इलेक्ट्रिक ‘पिंक ऑटो’ के मालिक और ड्राइवर बन सकेंगे। इससे उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार हासिल करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलेंगे।
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योजना का लाभ लेने के लिए क्या हैं पात्रता की शर्तें?
दिल्ली सरकार की ‘दुर्गा’ योजना का लाभ लेने के लिए महिला आवेदकों की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उनका दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा, आवेदकों के पास वैध हल्के मोटर वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस और सार्वजनिक सेवा वाहन बैज होना जरूरी है। योजना के तहत आवेदक के परिवार की वार्षिक आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, अधिकतम तीन जीवित बच्चों से संबंधित निर्धारित शर्त का पालन करना भी अनिवार्य है। ट्रांसजेंडर समुदाय के आवेदकों के लिए भी आयु, दिल्ली में निवास, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पीएसवी बैज से जुड़ी पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं।

