भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चोरी, ताला तोड़ने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग आखिरकार सख्त हुआ है। मानव अधिकार आयोग की 13 साल पुरानी सिफारिश को लागू करते हुए विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि ऐसी हर घटना पर अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज कराई जाए।
समग्र शिक्षा अभियान के अपर परियोजना संचालक द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि यदि किसी विद्यालय में चोरी, परिसर का दुरुपयोग, तोड़फोड़ या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना होती है तो संस्था प्रमुख तत्काल पुलिस को सूचना देंगे। ऐसा नहीं करने पर संबंधित प्राचार्य, प्रधानाध्यापक और जिम्मेदार शिक्षक की जवाबदेही तय की जाएगी।
दरअसल, मप्र मानव अधिकार आयोग ने वर्ष 2013 में ही यह अनुशंसा की थी कि स्कूलों में होने वाली चोरी और नुकसान की घटनाओं पर तत्काल पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा हो सके। हालांकि विभाग ने अब जाकर इस सिफारिश को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
स्कूल शिक्षाविभाग का मानना है कि कई मामलों में शिकायत दर्ज नहीं होने से स्कूलों में चोरी और तोड़फोड़ की घटनाएं बढ़ती रहीं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब हर घटना का रिकॉर्ड बनेगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित हो सकेगी।

