राकेश गोरखे की नियुक्ति वर्ष 2007 में फार्मासिस्ट के रूप में हुई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, उनकी पत्नी भी शासकीय सेवा में कार्यरत हैं। दोनों की वैध आय का आकलन करने के बाद EOW ने संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की।
बता दें प्रारंभिक जांच में सामने आया कि निर्धारित जांच अवधि के दौरान दंपती की कुल वैध आय लगभग 1.11 करोड़ रुपए रही, जबकि उनके नाम पर 2.13 करोड़ रुपए से अधिक की चल और अचल संपत्तियां होने का दावा किया गया है। इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
छापेमारी के दौरान इंदौर के विभिन्न इलाकों में स्थित छह संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इनमें एक दो मंजिला मकान, कई रिहायशी प्लॉट और एक डेवलपर परियोजना में प्लॉट बुकिंग से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं। इसके अलावा बैंक दस्तावेज, पासपोर्ट और 1.51 लाख रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं।
यह भी पढ़ें-
BRICS संस्कृति मंत्रियों का भोपाल में महासम्मेलन
जांच के दौरान पासपोर्ट से यह जानकारी भी सामने आई कि राकेश गोरखे वर्ष 2023 में थाईलैंड गए थे। EOW यह पता लगा रही है कि इस विदेश यात्रा के लिए विभागीय अनुमति ली गई थी या नहीं, साथ ही यात्रा पर हुए खर्च की भी जांच की जा रही है।
EOW का यह भी कहना है कि कुछ संपत्तियों की जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थी। फिलहाल सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

