इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर शनिवार को भारी गोलीबारी हुई। इसमें 7 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए है। दोनों देशों के बीच यह झड़प विवादित डूरंड लाइन पर हुई। पाकिस्तान ने दावा किया है कि जवाबी हमले में कई अफगान तालिबानी लड़ाके मारे गए और उनका एक सैन्य ठिकाना तबाह कर दिया गया।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अब तक अफगानिस्तान में सीमा पार से होने वाली हिंसा के कारण 1100 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है।
पाकिस्तान बोला- गोलीबारी की शुरूआत अफगान लड़ाकों ने शुरु की
पाकिस्तान ने कहा कि अफगान सीमा रक्षकों ने उसके चेकपॉइंट्स पर बिना उकसावे के गोलीबारी की। वहीं, अफगान सुरक्षा सूत्रों ने पाकिस्तान पर संघर्ष शुरू करने और बिना अनुमति सीमा चौकियां बनाने की कोशिश का आरोप लगाया।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सैनिकों को नुकसान पहुंचाने के दावे किए हैं। अफगान सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों ने पहले गोलीबारी की। उनके मुताबिक, अफगान बलों ने जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को नुकसान पहुंचाया।
पाकिस्तान ने इसके उलट कहा कि अफगान सीमा रक्षकों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तर-पश्चिमी कुर्रम जिले में उसके चेकपॉइंट्स पर गोली चलाई।
पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की
पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने शनिवार को हुई एक अलग गोलीबारी में कई अफगान तालिबान लड़ाकों को मारने का दावा किया। उन्होंने एक तालिबानी सैन्य बेस कैंप नष्ट करने की बात भी कही।
इस्लामाबाद ने आरोप लगाया कि अफगान बलों ने आतंकियों को पाकिस्तानी क्षेत्र में घुसाने में मदद के लिए गोलीबारी की। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की।
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दोनों देशों के बीच क्या विवाद है?
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले साल अक्टूबर में सीमा पर बड़ी झड़पों के बाद से कई बार सैन्य टकराव हो चुका है। विवाद की एक बड़ी वजह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) है।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान का तालिबान प्रशासन TTP को पनाह देता है और उसके लड़ाके अफगान जमीन से सीमा पार हमलों की योजना बनाकर उन्हें अंजाम देते हैं। हालांकि, काबुल इन आरोपों को खारिज करता है।
TTP, अफगान तालिबान का करीबी सहयोगी है और दोनों एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। 2001 में अफगानिस्तान पर अमेरिकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया था, जिससे नाराज होकर TTP ने पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ लड़ाई शुरू की।
संगठन पाकिस्तान सरकार को इस्लाम के खिलाफ मानता है। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले भी किए

