भद्रक: ओडिशा के भद्रक जिले में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बैतरणी नदी आखुआपाड़ा में खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आखुआपाड़ा में बैतरणी नदी का जलस्तर 18.33 मीटर के खतरे के निशान के मुकाबले 20.26 मीटर दर्ज किया गया। बढ़ते जलस्तर के कारण कंटिघाई एस्केप चैनल से बाढ़ का पानी रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच गया है। इससे भद्रक–जाजपुर सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।
कई पंचायतें और 30 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में
बाढ़ का सबसे अधिक असर भंडारीपोखरी ब्लॉक में देखने को मिल रहा है। यहां षोलमपुर, मालदा, नपंग और रहनिया सहित कई पंचायतें जलमग्न हो चुकी हैं। वहीं आरडी–कटक मुख्य मार्ग के बोड़क क्षेत्र में करीब दो फीट पानी बहने से कटक और जाजपुर की ओर यातायात प्रभावित हो गया है। प्रशासन के अनुसार अब तक 4 पंचायतों के 30 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।
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स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने बुधवार 29 जुलाई को सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के साथ-साथ सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
राहत और बचाव के लिए NDRF-ODRAF तैनात
राहत और बचाव कार्यों के लिए 5 ओड्राफ (ODRAF) और 3 एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को तैनात किया गया है। इसके अलावा स्थिति की निगरानी और राहत कार्यों के समन्वय के लिए राज्य सरकार ने तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति की है।
- भद्रक: सुधांशु सामल (RDC, सेंट्रल डिवीजन)
- बालासोर: के. सुदर्शन चक्रवर्ती
- जाजपुर: पी. अन्वेषा रेड्डी
अगले 24 घंटे बेहद अहम
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि, अगले 24 घंटे बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों के लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

