नई दिल्ली: रूस ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचादबैंक के साथ चल रहे अरबों डॉलर के अंतरराष्ट्रीय विवाद में अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। मामला रूस की सैन्य कार्रवाई से यूक्रेन में बैंक की संपत्तियों और कारोबार को हुए नुकसान की भरपाई से जुड़ा है।
तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल में निभाएंगे रूस का पक्ष
इस अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता पैनल में कुल तीन सदस्य हैं। रूस ने अपने पक्ष से जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को चुना है, जबकि यूक्रेन के ओशचादबैंक ने ग्रीस के स्तावरोस ब्रेकौलाकिस को नियुक्त किया है। ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता कोस्टा रिका की ड्याला जिमेनेज करेंगी, जिन्हें दोनों पक्षों की सहमति से चुना गया है।
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क्या है पूरा विवाद?
यूक्रेन का सरकारी बैंक ओशचादबैंक का आरोप है कि रूस की सैन्य कार्रवाई के कारण डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसन और जापोरिज्जिया जैसे क्षेत्रों में उसकी शाखाओं, संपत्तियों और कारोबार को भारी नुकसान हुआ। बैंक ने इस नुकसान की भरपाई के लिए रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। दावे की रकम सैकड़ों करोड़ डॉलर बताई जा रही है।
पहले ठुकरा चुके थे रूस के दो प्रस्ताव
दिलचस्प बात यह है कि जस्टिस चंद्रचूड़ इससे पहले रूस की ओर से विंटरशॉल डीआ और यूक्रेनर्गो से जुड़े दो अन्य मध्यस्थता प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर चुके थे। हालांकि इस बार उन्होंने ओशचादबैंक विवाद में रूस के नामित मध्यस्थ की जिम्मेदारी स्वीकार की है।

