नागपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान सुर्खियों में आ गया है। नागपुर में BJP के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भारत और ईरान के बीच गहरे सांस्कृतिक रिश्तों का जिक्र किया।
खामेनेई के ओरिजिन पर दिलचस्प दावा
नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का मूल संबंध भारत से जुड़ा हुआ बताया गया। उनके मुताबिक, खामेनेई ने खुद उनसे बातचीत के दौरान कहा था कि उनका ओरिजिन लखनऊ के पास एक गांव से जुड़ा है।
गडकरी ने यह भी साझा किया कि खामेनेई के साथ मुलाकात में भाषा को लेकर एक दिलचस्प चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि खामेनेई के अनुसार पर्शियन भाषा की जड़ें संस्कृत से जुड़ी हैं और ईरान की कुछ यूनिवर्सिटीज में आज भी संस्कृत का अध्ययन होता है।
साथ ही उन्होंने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए ने कहा कि- शिपिंग मंत्री रहते हुए वे कई बार ईरान गए और चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट पर काम किया। इसी दौरान उन्हें दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को करीब से समझने का मौका मिला।
“अलग भाषा, अलग भेष… लेकिन जुड़ाव एक”
नितिन गडकरी ने अपने भाषण के अंत में कहा कि भले ही देशों की भाषा और संस्कृति अलग दिखती हो, लेकिन जड़ों में एक गहरा संबंध मौजूद है। उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

