मुंबई: सोने की कीमतों में आज यानी 15 जुलाई को मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी के दाम में बढ़त देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर ₹112 घटकर ₹1.42 लाख पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी ₹416 की बढ़त के साथ ₹2.20 लाख पर पहुंच गई है।
इस साल सोना हुआ ₹9,000 महंगा
साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष की शुरुआत में, 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.33 लाख थी, जो अब बढ़कर ₹1.42 लाख तक पहुंच चुकी है। यानी इस साल अब तक सोना करीब ₹9,000 महंगा हो चुका है।
वहीं चांदी की बात करें तो इसकी कीमत में साल की शुरुआत के मुकाबले करीब ₹10,000 प्रति किलो की गिरावट आई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी ₹2.30 लाख प्रति किलो थी, जो अब ₹2.20 लाख प्रति किलो पर कारोबार कर रही है।
इस साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे थे सोना-चांदी
साल 2026 के दौरान दोनों कीमती धातुओं ने नया ऑलटाइम हाई भी बनाया था। 29 जनवरी को सोना ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक संकेतों के चलते कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
क्यों आई सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट?
1. अमेरिकी डॉलर की मजबूती
फेडरल रिजर्व के हालिया संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की मांग कमजोर पड़ती है, जिससे कीमतों पर दबाव आता है।
2. मुनाफावसूली का असर
रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की। इसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा और दोनों धातुओं में गिरावट देखने को मिली।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया का कहना है, कि सोना और चांदी अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेश की संभावना बनी हुई है, लेकिन एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना अधिक बेहतर रणनीति हो सकती है।
उनके अनुसार, यदि बाजार का रुख अनुकूल रहा, तो साल 2026 के अंत तक सोना करीब ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.80 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
आज के प्रमुख रेट
24 कैरेट सोना (10 ग्राम): ₹1.42 लाख (₹112 की गिरावट) , चांदी (1 किलो): ₹2.20 लाख (₹416 की बढ़त)
निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम उठाने की क्षमता और बाजार की स्थिति का आकलन करना जरूरी है।

