मुंबई। सोना और चांदी के बाजार में गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बना रहा, लेकिन घरेलू बाजार में शुरुआती गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं ने जोरदार रिकवरी की। निवेशकों के लिए दिन काफी रोमांचक रहा, जहां कुछ घंटों में ही हजारों रुपये का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।
MCX पर सोने ने दिखाई दमदार वापसी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत 598 रुपये की गिरावट के साथ 1,40,672 रुपये प्रति 10 ग्राम पर हुई। हालांकि कारोबार बढ़ने के साथ खरीदारी लौटी और शाम तक सोना 519 रुपये की तेजी के साथ 1,41,789 रुपये पर पहुंच गया।
सोने के प्रमुख आंकड़े:
- शुरुआती भाव: ₹1,40,672
- पिछला बंद भाव: ₹1,41,270
- मौजूदा भाव: ₹1,41,789
- दिन का उच्चतम स्तर: ₹1,42,548
- दिन का न्यूनतम स्तर: ₹1,40,543
चांदी में 9 हजार रुपये से ज्यादा का उतार-चढ़ाव
चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त हलचल देखने को मिली। जुलाई सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 2,767 रुपये टूटकर 2,10,308 रुपये प्रति किलो पर खुला, लेकिन बाद में तेज खरीदारी के चलते भाव 2,16,368 रुपये तक पहुंच गए।
चांदी के प्रमुख आंकड़े:
- शुरुआती भाव: ₹2,10,308
- पिछला बंद भाव: ₹2,13,075
- मौजूदा भाव: ₹2,16,368
- दिन का उच्चतम स्तर: ₹2,19,401
- दिन का न्यूनतम स्तर: ₹2,10,043
हाजिर बाजार में भी नरमी
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, हाजिर बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
- सोना: ₹1,39,873 प्रति 10 ग्राम
- चांदी: ₹2,16,541 प्रति किलो
यह भी देखें एक और NEET अभ्यर्थी ने दी जान! मां को आखिरी वीडियो भेजकर कहा- “मुझे माफ कर देना…”
ग्लोबल मार्केट में क्यों बढ़ा दबाव?
जानकारी अनुसार, कॉमेक्स (Comex) पर सोना पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गया। वहीं चांदी भी साल के निचले स्तरों के करीब पहुंच गई। मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने बाजार पर दबाव बनाया। हालांकि कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने के बाद निवेशकों की खरीदारी लौटी, जिससे सोना-चांदी में रिकवरी देखने को मिली।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण आने वाले दिनों में सोना-चांदी में इसी तरह का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर बाजार की चाल पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

