भोपाल: मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों की खरीदी में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की करीब आठ महीने पुरानी बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कही है। कांग्रेस ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने स्पष्ट किया है कि विभाग के अंतर्गत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जैम) पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीदी और निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वायरल वीडियो में उठाए गए मुद्दों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
खरीदी दरों में अंतर की भी होगी जांच
राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने वीडियो जारी कर कहा कि विभाग में खरीदी और निर्माण कार्यों की निगरानी की जाती है। विभागीय स्तर पर भी इनकी जांच होती है। इसके बावजूद कहीं अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदे जाने वाले उत्पादों की कीमतों में असामान्य अंतर या अन्य गड़बड़ी सामने आने पर जांच की जाएगी। वायरल वीडियो में उठाए गए सभी संबंधित मुद्दों को भी जांच के दायरे में शामिल किया जाएगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
मंत्री के मुताबिक, खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और कमियों की पहचान करने के लिए पोर्टल को समय-समय पर उन्नत किया जाता है।
दो लाख का कचरा वाहन कहीं छह लाख रुपये में खरीदने का दावा
वायरल वीडियो नगरीय विकास एवं आवास विभाग की एक बैठक का बताया जा रहा है। इसमें अपर मुख्य सचिव संजय दुबे नगरीय निकायों में हुई खरीदी को लेकर अधिकारियों से सवाल करते और उन्हें फटकार लगाते नजर आ रहे हैं।
बैठक में दिखाए गए प्रस्तुतीकरण में अलग-अलग नगरीय निकायों में खरीदे गए सामान की कीमतों की तुलना की गई थी। इसमें एक जगह कचरा वाहन की कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई, जबकि दूसरी जगह चार डस्टबिन के साथ उसी तरह के वाहन की खरीद छह लाख रुपये में किए जाने का उल्लेख था।
प्रस्तुतीकरण में एलईडी लाइटों और कीटाणुनाशक की खरीदी दरों में भी अंतर सामने आने की बात कही गई। बैठक में संजय दुबे ने खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।
इसी प्रस्तुतीकरण में करीब 2,500 यूजर आईडी और पासवर्ड लीक होने का मुद्दा भी उठाया गया था। हालांकि, इन मामलों में वास्तविक अनियमितता और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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कांग्रेस ने भ्रष्टाचार करने वालों के साथ संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई मांगी
मामले को लेकर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग की है।
मिश्रा ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में केवल अनियमितता करने वालों ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वालों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) और लोकायुक्त संगठन इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर जांच करेंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर उसे प्रभावित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकारी बंगलों में सरकारी सामान ले जाने के आरोप भी लगाए और दावा किया कि उनके पास इससे जुड़े साक्ष्य हैं।

