नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले 36 दिनों के आंदोलन के बाद कॉकरोज जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार, 26 जुलाई को एक वीडियो जारी कर आंदोलन में शामिल छात्रों, युवाओं और देशभर से समर्थन देने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया। हालांकि, इस वीडियो की सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि दीपके ने पूरे संबोधन में एक बार भी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का नाम नहीं लिया।
छात्रों और समर्थकों का जताया आभार
अपने वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने आंदोलन को सफल बनाने वाले छात्रों, अभिभावकों और देशभर से समर्थन देने वाले लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान साथ देने वाले सभी लोगों की सराहना की, लेकिन आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे सोनम वांगचुक का कोई उल्लेख नहीं किया।
26 दिन की भूख हड़ताल से चर्चा में रहे थे वांगचुक
नीट पेपर लीक के विरोध में सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर लगातार 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। इस दौरान उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई थी। आंदोलन के दौरान वांगचुक लगातार चर्चा में रहे और कई संगठनों व लोगों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई।
इस्तीफे के बाद वांगचुक ने दिया था श्रेय
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोनम वांगचुक ने एक वीडियो जारी कर कॉकरोज जनता पार्टी और देश के Gen Z युवाओं को आंदोलन की सफलता के लिए बधाई दी थी। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं की भूमिका की भी सराहना की थी।
सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
अब अभिजीत दीपके के वीडियो में सोनम वांगचुक का नाम न आने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ इसे आंदोलन की रणनीति या व्यक्तिगत निर्णय से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर अभिजीत दीपके या सोनम वांगचुक की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

