वायनाड: केरल के वायनाड जिले में मंगलवार दोपहर तेज बारिश के बाद लैंडस्लाइड की घटना सामने आई है। यह हादसा कल्लाडी इलाके में मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ है। इस हादसे में मौके पर ही एक युवक की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस क्षेत्र में हुई जहां मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। सुरंग निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी को एक स्थान पर जमा किया गया था। जिसके बाद लगातार बारिश के कारण मिट्टी खिसक गई, जिससे आसपास के पेड़ उखड़ गए और सुरक्षा बैरिकेड भी पानी के तेज बहाव में बह गए।
कुछ सेकंड में बह गया टैंकर
इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें सड़क पर तेज रफ्तार से बहता पानी नजर आ रहा है। वीडियो में पानी की तेज धारा में एक टैंकर बहता हुआ भी दिखाई दे रहा है। पानी के तेज बहाव से टैंकर कुछ ही सेकंड में बह गया।
रेस्क्यू में जुटीं NDRF और पुलिस की टीमें
वहीं इस घटना के बाद राहत और बचाव अभियान तेजी से शुरू कर दिया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची। टीमों ने जल्द से जल्द बचाब कार्य शुरू कर लोगों को मलबे से निकाला। लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
यह भी पढ़ें-
मैहर में जन्मदिन का जश्न मातम में बदला, 5 युवकों की दर्दनाक मौत
स्थानीय लोगों के अनुसार, लैंडस्लाइड के बाद बड़ी मात्रा में मिट्टी, पेड़ और मलबा जमा हो गया है। इसे हटाने के लिए भारी मशीनों की जरूरत पड़ रही है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। घटना को लेकर अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश को देखते हुए सोमवार से ही टनल निर्माण का काम रोक दिया गया था।
8.17 किलोमीटर लंबी है प्रस्तावित सुरंग
बता दें मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट के तहत केरल के दो जिलों मलप्पुरम और वायनाड को एक लंबी सुरंग के माध्यम से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इस परियोजना का उद्देश्य दोनों जिलों के बीच यात्रा को आसान बनाना और पहाड़ी रास्तों पर निर्भरता को कम करना है। प्रस्तावित सुरंग की लंबाई करीब 8.17 किलोमीटर होगी। इस टनल प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 2,100 से 2,200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। निर्माण कार्य के दौरान सुरंग से निकाली गई मिट्टी को एक स्थान पर जमा किया गया था। लगातार बारिश के कारण मिट्टी खिसकने से लैंडस्लाइड की स्थिति बनी और आसपास के इलाके प्रभावित हुए।

