भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। उज्जैन में कथित जमीन खरीद मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के परिवार से जुड़ी जमीन खरीद के मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग की, लेकिन सत्ता पक्ष के विरोध के बाद विधानसभा में जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया। लगातार नारेबाजी के चलते विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर गांधी प्रतिमा के सामने पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश का किसान खाद और बीज के लिए भटक रहा है, लेकिन सरकार सिर्फ फाइलों में योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि किसान संकट में है और सरकार जमीन खरीद जैसे गंभीर सवालों पर जवाब देने से बच रही है।
जमीन खरीद पर चर्चा की मांग,सरकार ने किया विरोध
बता दें सदन के भीतर उमंग सिंघार ने उज्जैन जमीन खरीद मामले पर स्थगन प्रस्ताव के जरिए तत्काल चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन और मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े जमीन खरीद के मामले में कई सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए। हालांकि संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विषय स्थगन प्रस्ताव के तहत नहीं लिया जा सकता।
इसके बाद कांग्रेस विधायक गर्भगृह के पास पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस विषय पर नियम-139 के तहत चर्चा कराई जाएगी, लेकिन विपक्ष तत्काल बहस की मांग पर अड़ा रहा। हंगामा बढ़ने पर सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।
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श्रद्धांजलि को लेकर भी सत्ता और विपक्ष में टकराव
वहीं सत्र की शुरुआत में पूर्व विधायक अश्विन जोशी, पहाड़ सिंह कन्नौज, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी, मशहूर शायर बशीर बद्र और लोक कलाकार तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी गई।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बरगी क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और कथित तौर पर परीक्षा व्यवस्था से परेशान होकर जान गंवाने वाले NEET अभ्यर्थियों का नाम श्रद्धांजलि सूची में शामिल नहीं किए जाने पर सवाल उठाया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे विधानसभा सचिवालय पर टिप्पणी बताया। जवाब में सिंघार ने कहा कि यदि चूक हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
मानसून सत्र रहेगा गरम
मानसून सत्र के पहले ही दिन जिस तरह जमीन खरीद, किसानों की समस्याओं और प्रशासनिक मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आए, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में विधानसभा का माहौल और ज्यादा गर्म रहने वाला है। कांग्रेस सरकार को किसानों, जमीन खरीद और प्रशासनिक फैसलों पर घेरने की तैयारी में है, जबकि भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक एजेंडा बता रही है।

