असम। भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करते हुए नया राजनीतिक रिकॉर्ड बना दिया है। हिमंत बिस्वा सरमा एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं और इसके साथ ही वे असम के इतिहास में लगातार दो बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन जाएंगे।
गुवाहाटी में पॉलिटिकल पावर सेंटर
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर गुवाहाटी पूरी तरह हाई-प्रोफाइल पॉलिटिकल हब में तब्दील हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार रात गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा नेताओं ने उनका ग्रैंड वेलकम किया।
सूत्रों के मुताबिक इस मेगा इवेंट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत एनडीए शासित राज्यों के 40 से ज्यादा मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम शामिल हो सकते हैं।
बंगाल के सीएम भी होंगे शामिल
जानकारी अनुसार, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गुवाहाटी पहुंचे हैं। इसे पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भाजपा के बढ़ते राजनीतिक तालमेल के तौर पर देखा जा रहा है।
चार मंत्री भी लेंगे शपथ
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य सुबह 11:40 बजे हिमंत बिस्वा सरमा और चार मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
ये नेता बनेंगे मंत्री
- रामेश्वर तेली
- अतुल बोरा
- चारन बोरो
- अजन्ता निओग
सहयोगी दलों को भी मिला प्रतिनिधित्व
नई कैबिनेट में भाजपा ने अपने सहयोगी दलों को भी जगह दी है। असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) से एक-एक नेता को मंत्री बनाया जा रहा है।
कौन हैं ये चेहरे?
- अतुल बोरा AGP के अध्यक्ष हैं और पिछली सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।
- चारन बोरो BPF से विधायक हैं और बोडोलैंड क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखते हैं।
- अजन्ता निओग पहले भी कैबिनेट का हिस्सा रह चुकी हैं।
- रामेश्वर तेली केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं और अब फिर असम की राजनीति में एक्टिव रोल निभाएंगे।
लगातार तीसरी बार बनी NDA की सरकार
असम में भाजपा गठबंधन ने पहली बार 2016 में सत्ता हासिल की थी। उस समय सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने थे। 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री बनें और अब 2026 में भी NDA ने सत्ता बरकरार रखते हुए लगातार तीसरी जीत दर्ज की है।
नई सरकार का फोकस क्या होगा?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक नई सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, बॉर्डर सिक्योरिटी, रोजगार, निवेश और पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी पर तेजी से काम कर सकती है। इसके साथ ही भाजपा पूर्वोत्तर में अपने राजनीतिक विस्तार को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

