देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां घरेलू हिंसा से त्रस्त एक नाबालिग ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। महज आठ दिनों में शराबी पिता की हत्या का यह दूसरा मामला इलाके में दहशत फैला रहा है।
देवास जिले के उदयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बारियापुरा गांव में दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। यहां 11 वर्षीय नाबालिग ने अपने 45 वर्षीय नशेड़ी पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। मृतक की पहचान महेश पुत्र रूपसिंह अखाड़े के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार महेश शराब के नशे में आए दिन पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था। घरेलू हिंसा का यह सिलसिला लंबे समय से जारी था। नाबालिग बेटा मां और छोटे भाइयों पर हो रही मारपीट से मानसिक रूप से बेहद परेशान था। घटना वाले दिन भी महेश नशे में धुत था और घर में झगड़ा कर रहा था।
इसी दौरान गुस्से और भय के मिश्रण में नाबालिग ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और पिता के चेहरे व गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले से घर में खून फैल गया और गंभीर रूप से घायल महेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआत में अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया, लेकिन जब पुलिस ने परिजनों से गहन पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई। पूछताछ के दौरान 11 वर्षीय बड़े बेटे ने हत्या की बात कबूल कर ली।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी नाबालिग के कब्जे से बरामद कर ली है। आरोपी बच्चे को गिरफ्तार कर बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
गौरतलब है कि यह देवास जिले में बीते आठ दिनों में शराबी पिता की हत्या का दूसरा मामला है। इससे पहले बागली थाना क्षेत्र के ग्राम धावड़िया में भी एक बेटे ने नशे में धुत पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी।
ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एच.एस. बाथम ने बताया कि यह घटना घरेलू हिंसा और शराब की लत के भयावह परिणामों को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए चेतावनी हैं, जहां नशे और हिंसा का असर मासूम बच्चों की मानसिकता तक को प्रभावित कर रहा है।
नशे की हिंसा का खौफनाक अंजामः 11 वर्षीय बेटे ने शराबी पिता की ली जान


