लॉंजी: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहां एक नवजात बच्ची को जन्म के कुछ ही समय बाद सुनसान तालाब किनारे थैले में छोड़ दिया गया। रात का अंधेरा था, आसपास सन्नाटा पसरा था और एक नन्ही सी जिंदगी थैले के भीतर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थी। लेकिन कहते हैं कि भगवान हर किसी की मदद के लिए किसी न किसी को भेजता है। इस मासूम के लिए भी दो महिलाएं फरिश्ता बनकर पहुंचीं। उन्होंने बच्ची के रोने की आवाज सुनी, उसे थैले से बाहर निकाला और तत्काल उसकी मदद की। समय रहते मिली इस मदद से नवजात की जान बच गई। फिलहाल बच्ची अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में है और उसकी हालत स्वस्थ बताई जा रही है।
दो महिलाओं ने दिखाई संवेदनशीलता
इस पूरे घटनाक्रम में दुर्गा तरुण आसटकर और कविता सोनवाने की तत्परता भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार कविता सोनवाने भी अपनी सहयोगी महिला के साथ काम से लौट रही थीं। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर महिलाएं मौके पर पहुंचीं। नवजात को थैले से बाहर निकालने के बाद उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाया। इसके बाद बच्ची को घर ले जाकर उसकी साफ-सफाई की गई और उसे दूध पिलाया गया। महिलाओं ने बिना देर किए पुलिस को भी सूचना दी।
लांजी पुलिस ने सक्रियता दिखाई
सूचना मिलते ही लांजी पुलिस भी सक्रिय हो गई। नगर निरीक्षक घनश्याम बैरागी पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल नवजात को अपने संरक्षण में लेकर सिविल अस्पताल लांजी पहुंचाया। यहां अस्पताल के मेटरनिटी कक्ष में चिकित्सकों की निगरानी में बच्ची को रखा गया है। डॉक्टरों ने नवजात का स्वास्थ्य परीक्षण किया। फिलहाल डॉक्टर उसकी नियमित निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने भी तत्काल संज्ञान लिया। बीएमओ डॉ. अक्षय उपराडे ने पूरे घटनाक्रम से एसडीएम आदित्य नारायण तिवारी को अवगत कराया। इसके बाद एसडीएम ने पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवजात की सुरक्षा और स्वास्थ्य से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
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पूरे मामले में कई सवाल खड़े हुए
अब इस पूरे मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर इस नवजात बच्ची को तालाब किनारे थैले में किसने छोड़ा? बच्ची के जन्म के बाद उसे इस तरह सुनसान जगह पर छोड़ने की वजह क्या थी? क्या बच्ची को जन्म देने वाले परिवार की पहचान हो पाएगी? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है। बच्ची के परिजनों और उसे वहां छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए जांच की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। वहीं, प्रशासन के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी इस मासूम की सुरक्षा और उचित संरक्षण सुनिश्चित करना है।

