नर्मदापुरम। सेठानी घाट पर कड़ाके की ठंड और तेज हवाओं के बीच भी आस्था नहीं हारी । माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी के सेठानी घाट पर पवित्र डुबकी लगाई। ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5 बजे से स्नान का सिलसिला शुरू हो गया, जो की पूजन और पाठ के साथ जारी है। शहर के सभी घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। नर्मदापुरम के अलावा बैतूल, छिंदवाड़ा, हरदा, खंडवा, भोपाल, विदिशा और सीहोर से भी श्रद्धालु नर्मदा स्नान के लिए पहुंचे। इस विशेष दिन पर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनकर और दान-पुण्य कर भक्त जीवन में शुभ फल अर्जित कर रहे हैं।
इस अवसर पर पंडित महेंद्र तिवारी ने बताया कि- सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में माँ नर्मदा में स्नान करने पहुच रहे है। लोग दूर-दूर से स्नान कर दान पुण्य कर पुण्य की प्राप्ति कर रहे है। यह 2026 की पहली पौष मास की पूर्णिमा है। माना जाता है कि मां नर्मदा में स्नान करने से सारे पापों का नाश होता है। मां नर्मदा में पूजन करने के बाद श्रद्धालु को दान पूण्य करने का खास महत्व है, क्योंकि यह कलयुग है, इसमें दान करने से ही लोगों के पाप कट जाते हैं। मां नर्मदा में इतनी ठंड के बीच लोगों की आस्था बनी हुई है। मां नर्मदा में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर पूण्य लाभ कमा रहे हैं। सेठानी घाट पर शाम 8 बजे मां नर्मदा की भव्य महाआरती होगी। इसमें 251 दीपों से आरती की जाएगी, जो बनारस की गंगा महाआरती की तर्ज पर होगी। इस अवसर पर मौसम की मार झेलते हुए भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला।


