उज्जैन: सिंहस्थ-2028 की तैयारी में बन रहे एलिवेटेड फ्लाईओवर का पेंच अब एक और धार्मिक स्थल पर आ फंसा है। छत्री चौक की शाही मस्जिद के विवाद के बाद अब एटलस चौराहे के पास नई सड़क के बीचो-बीच स्थित फलादिया मस्जिद को नगर निगम ने नोटिस थमा दिया है।
नगर निगम के अनुसार चिमनगंज मंडी इंदिरा नगर चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन और निकास चौराहा से इंदौर गेट तक बनने वाले 2-लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर के एलाइनमेंट में फलादिया मस्जिद का हिस्सा आ रहा है।
कुल 224 वर्ग मीटर हिस्सा बाधक बन रहा
कार्यालय नगर पालिक निगम उज्जैन, जोन क्र. 03 के भवन अधिकारी द्वारा 23 अक्टूबर को जारी सूचना पत्र क्र. 2026/1648 में मस्जिद प्रबंधन को तलब किया गया है। नोटिस में लोक निर्माण विभाग के पत्र क्र. 1077 दिनांक 14/10/2026 का हवाला देते हुए कहा गया है कि मस्जिद का भूतल पर 16 मीटर चौड़ाई और 14 मीटर गहराई यानी कुल 224 वर्ग मीटर हिस्सा बाधक बन रहा है, जिसे जनहित में कायम रखना संभव नहीं है।
इसके लिए प्रबंधन को 27 अक्टूबर को सुनवाई के लिए बुलाया गया था जिसमें उनके द्वारा जवाब देने के लिए उचित समय मांगा गया है।
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प्रबंधन का दावा – मस्जिद 100 साल पुरानी, दुकानें 60-70 साल पुरानी
मस्जिद के कोषाध्यक्ष मोहम्मद याहया के अनुसार फलादिया मस्जिद करीब 100 साल पुरानी है और नई सड़क की पहचान है। निगम ने जो दस्तावेज मांगे हैं, वे सुनवाई में पेश किए जाएंगे। वहीं स्थानीय मोहम्मद ऐजाज ने बताया कि मस्जिद परिसर में करीब 6 दुकानें हैं जो 60 से 70 साल पुरानी हैं। इन दुकानों से कई परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी है। यदि ये दुकानें हटती हैं तो रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। फिलहाल प्रबंधन को पक्ष रखने का मौका दिया गया है। सुनवाई और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही तय होगा कि फ्लाईओवर के लिए मस्जिद के कितने हिस्से पर कार्रवाई होगी।


