जींद: भारत ने रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारत जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि जींद- सोनीपत के बीच चलने वाली यह ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन को भारतीय इंजीनियरों ने डिजाइन किया है और इसका निर्माण भी भारत की कंपनी ने किया है। यह उपलब्धि देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता और रेलवे के आधुनिक भविष्य की मजबूत तस्वीर पेश करती है।
14 स्टेशन और बेहद किफायती किराया
बता दें नई हाइड्रोजन ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह ट्रेन 14 स्टेशनों पर रुकेगी और इसकी अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। पहले दिन ट्रेन सुबह 11:22 बजे जींद से रवाना हुई और दोपहर 1:22 बजे सोनीपत पहुंची।
रेलवे ने आम यात्रियों को ध्यान में रखते हुए इसका किराया सिर्फ 5 रुपये से 25 रुपये के बीच रखा है, जिससे आधुनिक तकनीक का लाभ आम लोगों तक भी आसानी से पहुंचेगा।
एक बार फ्यूल भरने पर 356 किलोमीटर की दौड़
इस हाइड्रोजन ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी फ्यूल क्षमता है। एक बार हाइड्रोजन भरने के बाद यह ट्रेन करीब 356 किलोमीटर तक लगातार चल सकती है। पारंपरिक डीजल इंजनों की तुलना में यह तकनीक पर्यावरण के लिए अधिक सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन बेहद कम होता है और प्रदूषण भी घटता है।
PM मोदी के भाषण की 4 बड़ी बातें
1. स्वच्छता को संस्कार बनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक का संस्कार बनना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपने शहर और गांव को स्वच्छ रखने का संकल्प लेने की अपील की।
2. रेलवे का 99% नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिफाई
उन्होंने कहा कि 1925 से 2014 तक केवल 30% रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था, जबकि पिछले 12 वर्षों में करीब 99% रेल नेटवर्क इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है और वैश्विक ईंधन संकट का असर रेलवे पर कम पड़ेगा।
3. खेलों में भारत का बड़ा लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी पूरी तैयारी कर रहा है। इसके लिए खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
4. जींद से जुड़ी पुरानी यादें
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने जींद से जुड़ी पुरानी यादों को साझा करते हुए कहा कि संगठन के दिनों में वे अक्सर यहां आते थे। उन्होंने मुर्रा भैंस का दूध, दही, घी, देसी बूरा और घेवर का जिक्र करते हुए कहा कि जींद का स्वाद आज भी वैसा ही है, लेकिन अब यहां के तेवर बदल चुके हैं।
भारत के लिए क्यों खास है यह ट्रेन?
• भारत की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन।
• दुनिया का पांचवां देश बना भारत।
• भारतीय इंजीनियरों ने किया डिजाइन और निर्माण।
• एक बार फ्यूल भरने पर 356 किमी तक संचालन।
• पर्यावरण के अनुकूल, कम प्रदूषण और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम।
• हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच आम यात्रियों के लिए शुरुआत।
यह परियोजना भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।

