भोपाल: सेंट्रल जेल भोपाल में बंद 35 वर्षीय बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजन ने सूखी सेवनिया पुलिस पर गिरफ्तारी के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है। परिजन का दावा है कि नीरज के शरीर पर चोट के निशान थे और जेल पहुंचने के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई।
वहीं जेल प्रशासन के मुताबिक, बंदी ने सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे तत्काल हमीदिया अस्पताल भेजा गया, जहां रविवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है।
चोरी के मामले में 7 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी
मृतक की पहचान नीरज धाकड़ पुत्र केसर सिंह धाकड़ (35) निवासी देवरी गांव, तहसील गौहरगंज, जिला रायसेन के रूप में हुई है। सूखी सेवनिया थाना प्रभारी अरुण शर्मा के अनुसार, नीरज को 7 अगस्त को सीमेंट चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और इसके बाद उसे भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
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पत्नी बोली- शरीर पर थे चोट के निशान
नीरज की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। पत्नी पूजा का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान नीरज के साथ मारपीट की गई थी। उसके शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दे रहे थे। परिजन का आरोप है कि जेल पहुंचने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ती गई और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जेल प्रशासन ने कहा- सीने में दर्द के बाद अस्पताल भेजा
भोपाल सेंट्रल जेल के सुपरिंटेंडेंट मानवेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि नीरज ने सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की थी। उसकी हालत को देखते हुए शनिवार को उसे तत्काल हमीदिया अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा था लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।
गिरफ्तारी से इलाज तक की प्रक्रिया की होगी जांच
बंदी की मौत के बाद मामले में न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान नीरज की गिरफ्तारी की परिस्थितियों, थाने में हुई कार्रवाई, मेडिकल परीक्षण, जेल में दाखिले और अस्पताल में दिए गए उपचार की पूरी प्रक्रिया को जांचा जाएगा।
परिजन द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोप भी जांच के दायरे में होंगे। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम किया है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

