नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में अगले सप्ताह जबरदस्त हलचल देखने को मिलेगी। पांच कंपनियां अपने आईपीओ लेकर बाजार में उतरने जा रही हैं। धूत ट्रांसमिशन, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स, मिल्की मिस्ट डेयरी फूड्स, शिपरॉकेट और बिहारी लाल इंजीनियरिंग के आईपीओ के जरिए कुल करीब 7,443 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इन कंपनियों के इश्यू 10 से 12 अगस्त के बीच खुलेंगे।
इनमें मिल्की मिस्ट डेयरी फूड्स का आईपीओ सबसे खास है। यह भारतीय डेयरी क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम होगा। वहीं, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स में बड़े संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी ने भी इस आईपीओ को निवेशकों के लिए चर्चा में ला दिया है।
10 अगस्त से शुरू होगी IPO की दौड़
धूत ट्रांसमिशन और मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के आईपीओ के लिए सब्सक्रिप्शन 10 अगस्त से खुलेगा। इसके बाद 11 अगस्त को मिल्की मिस्ट डेयरी फूड्स और 12 अगस्त को शिपरॉकेट तथा बिहारी लाल इंजीनियरिंग के आईपीओ खुलेंगे। पांचों कंपनियों की ओर से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कारोबार विस्तार, पूंजीगत खर्च, कर्ज चुकाने और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
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धूत ट्रांसमिशन: 3,067 करोड़ रुपये का IPO
ऑटो पार्ट्स बनाने वाली धूत ट्रांसमिशन ने आईपीओ का आकार 3,067 करोड़ रुपये रखा है। इसका प्राइस बैंड 829 से 871 रुपये प्रति शेयर है। इश्यू में 1,400 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू और प्रमोटरों की ओर से करीब 1.91 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है।
मोलबायो डायग्नोस्टिक्स: संस्थागत निवेशकों की नजर
टेमासेक और मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट इक्विटी समर्थित मोलबायो डायग्नोस्टिक्स का आईपीओ 904 से 940 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने प्राइस बैंड 768 से 807 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इसमें 200 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू और 91.66 लाख शेयरों तक का OFS शामिल है।
मोलबायो में वर्ल्ड बैंक समूह की निजी क्षेत्र की निवेश शाखा IFC ने एंकर निवेशक के तौर पर 20 करोड़ रुपये लगाए हैं। इसके अलावा कई बड़े संस्थागत निवेशकों ने सेकेंडरी ट्रांजैक्शन के जरिए कंपनी में करीब 160 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।
मिल्की मिस्ट डेयरी: 1,553 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा डेयरी IPO
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड्स का आईपीओ 11 अगस्त को खुलेगा। कंपनी इस इश्यू के जरिए 1,553 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसका प्राइस बैंड 133 से 140 रुपये प्रति शेयर है।
इश्यू में 1,428 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू और 125 करोड़ रुपये तक का OFS शामिल है। कंपनी का आईपीओ भारतीय डेयरी उद्योग का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम होगा।
शिपरॉकेट: 1,617.5 करोड़ रुपये का इश्यू
टेमासेक समर्थित ई-कॉमर्स इनेबलमेंट प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट का आईपीओ 12 अगस्त को खुलेगा। कंपनी ने इसके लिए 92 से 97 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
कुल 1,617.5 करोड़ रुपये के इश्यू में 885.50 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू और 732 करोड़ रुपये तक का OFS शामिल है। OFS के तहत मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचेंगे।
इंजीनियरिंग कास्टिंग और अलॉय स्टील उत्पाद बनाने वाली बिहारी लाल इंजीनियरिंग भी 12 अगस्त को बाजार में उतरेगी। कंपनी का आईपीओ 302 करोड़ रुपये का है और इसका प्राइस बैंड 271 से 285 रुपये प्रति शेयर रखा गया है।
इश्यू में 93 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 73.20 लाख शेयरों तक का OFS शामिल है।
IPO बाजार में क्यों बढ़ी हलचल?
इन पांच आईपीओ के साथ इस साल सार्वजनिक निर्गम लाने वाली कंपनियों की संख्या बढ़कर 47 हो जाएगी। इसके अलावा आने वाले हफ्तों में ब्लैकस्टोन समर्थित होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स, गाजा कैपिटल समर्थित फर्म और शंकेश ज्वैलर्स जैसी कंपनियां भी अपने आईपीओ के प्राइस बैंड की घोषणा कर सकती हैं।

