इंदौर: केसरबाग स्थित विद्यासागर उद्यान में चातुर्मास के लिए रुके 80 वर्षीय जैन संत का निधन हो गया। इसके बाद अनुयायियों ने सार्वजनिक उद्यान में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया। सुबह जब लोगों ने पार्क में चिता जलती देखी तो रहवासियों में नाराजगी फैल गई। मामले की सूचना पुलिस और नगर निगम अधिकारियों को दी गई।
15 दिन पहले चातुर्मास के लिए आए थे संत
जानकारी के मुताबिक जैन समाज के संत करीब 15 दिन पहले चातुर्मास के लिए केसरबाग में रुके थे। उनकी उम्र करीब 80 वर्ष थी और वे लंबे समय से अस्वस्थ बताए जा रहे थे। बुधवार रात तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। इसके बाद समाज के लोगों ने मुक्तिधाम के बजाय कॉलोनी के सार्वजनिक उद्यान में ही अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।
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पुलिस से अनुमति लेने भी पहुंचे थे समाज जन
बताया गया कि अंतिम संस्कार के लिए समाज के कुछ लोग थाने पहुंचे थे। उन्होंने उद्यान में अंत्येष्टि की अनुमति मांगी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने सार्वजनिक स्थान होने का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद सुबह विद्यासागर उद्यान में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
चिता जलती देख रहवासियों ने जताया विरोध
सुबह पार्क में टहलने पहुंचे लोगों ने जब चिता जलती देखी तो उन्होंने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। रहवासियों का कहना है कि उद्यान में रोज महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग आते हैं। यहां सुबह लोग वॉक और व्यायाम भी करते हैं, इसलिए सार्वजनिक पार्क में अंतिम संस्कार किए जाने से उन्हें आपत्ति है।
नगर निगम को भी दी गई सूचना
विद्यासागर उद्यान नगर निगम के अधीन है। मामले की जानकारी मिलने पर नगर निगम अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई। हालांकि अधिकारियों के पहुंचने तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। समाज के लोगों का कहना है कि चिता ठंडी होने के बाद उद्यान के संबंधित हिस्से की सफाई करवा दी जाएगी।

