नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसा के आरोपों की जांच अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाई पावर कमेटी करेगी। शीर्ष अदालत ने मामले से जुड़ी याचिकाएं, वीडियो फुटेज और शिकायतें पूर्व न्यायाधीश आर. सुब्बाश रेड्डी की अध्यक्षता वाली कमेटी को सौंपने का निर्देश दिया है। साथ ही कमेटी को नियमित अंतराल पर अंतरिम रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
कमेटी को मिलीं बेहद कम शिकायतें
सुनवाई के दौरान हाई पावर इंक्वायरी कमेटी (एचपीईसी) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आम लोगों और पुलिसकर्मियों से हिंसा से जुड़ी शिकायतें मांगने के लिए देशभर के 149 अखबारों में सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित कराए गए थे। इसके बावजूद कमेटी को अब तक बहुत कम शिकायतें मिली हैं।
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पर्याप्त सामग्री के अभाव में नहीं निकला निष्कर्ष
कमेटी ने अदालत को बताया कि फिलहाल उसके पास पर्याप्त सामग्री उपलब्ध नहीं है, जिसके आधार पर हिंसा की घटनाओं को लेकर कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सके। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले से संबंधित सभी ट्रांसफर याचिकाएं, वीडियो फुटेज और शिकायतें कमेटी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अब कमेटी इन साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी और समय-समय पर अदालत को अपनी प्रगति से अवगत कराएगी।

