भोपाल: नया बिजली मीटर लगाने और पुराने बिजली चोरी के मामले में सेटलमेंट कराने के नाम पर रिश्वत लेने वाले बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर (JE) को लोकायुक्त ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जेई अरपित उपाध्याय को 15 हजार रुपए लेते पकड़ा गया। कार्रवाई लोकायुक्त डीएसपी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में की गई।
सेटलमेंट के लिए मांगे थे 20 हजार
जानकारी के मुताबिक आवेदक तारीक सिद्दीकी ने नया बिजली मीटर लगवाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इसी दौरान उससे पुराने बिजली चोरी के मामले में सेटलमेंट कराने और नया मीटर लगवाने के बदले 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत की रकम को लेकर तारीक सिद्दीकी की राजेंद्र बरवड़े से बातचीत हुई। इसके बाद रकम लेने के लिए जेई अरपित उपाध्याय ने उसे छोला स्थित विद्युत कार्यालय बुलाया।
शिकायत के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल
आवेदक ने रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त से की। टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।बुधवार दोपहर करीब 1 बजे तारीक सिद्दीकी 20 हजार रुपए लेकर छोला विद्युत कार्यालय पहुंचा। जैसे ही जेई अरपित उपाध्याय ने रकम ली, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने जेई के कब्जे से 15 हजार रुपए बरामद किए।
कार्रवाई का वीडियो सामने आया
ट्रैप कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें लोकायुक्त टीम के पहुंचने के बाद फरियादी जेई की पहचान कराता दिखाई दे रहा है। वह टीम को बताता है कि जेई ने रिश्वत की रकम अपनी पिछली जेब में रखी है।वीडियो में जेई लोकायुक्त डीएसपी से पूछता सुनाई देता है- ‘आप कौन हैं इस पर डीएसपी वीरेंद्र सिंह अपना परिचय देते हुए कहते हैं कि वे लोकायुक्त डीएसपी हैं और टीम के साथ कार्रवाई के लिए पहुंचे हैं।इसके बाद डीएसपी दूसरे आरोपी राजेंद्र बरवड़े से भी उसका परिचय पूछते हैं। दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त ने जेई अरपित उपाध्याय और राजेंद्र बरवड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।

