मुंबई: बॉलीवुड डायरेक्टर केसी बोकाडिया अभिनेता नाना पाटेकर को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने एक समाचार पत्र को इंटरव्यू के दौरान कहा कि नाना पाटेकर के जाने का उन्हें गहरा झटका लगा था। वे उन्हें बेहद करीब मानते थे।
केसी बोकाडिया के मुताबिक, नाना पाटेकर का अभिनय बेहद स्वाभाविक था। वे अपने किरदारों में आम आदमी के व्यवहार को इतनी सहजता से पेश करते थे कि दर्शक उनसे जुड़ जाते थे।
बोकाडिया ने कहा कि नाना पाटेकर की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता। उनका अभिनय और उनकी अदाकारी हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी।
नाना पाटेकर की शैली सबसे अलग
केसी बोकाडिया ने कहा कि फिल्म उद्योग में कई बड़े और चर्चित सितारे रहे हैं, लेकिन नाना पाटेकर की शैली सबसे अलग थी। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर पर्दे पर आम इंसान के हाव-भाव और बोलचाल को जिस सादगी से पेश करते थे, वह उनकी सबसे बड़ी ताकत थी।
उन्हें पटकथा और संवादों की गहरी समझ थी। बोकाडिया के मुताबिक, नाना पाटेकर के अभिनय में कोई बनावट या दिखावा नहीं था, बल्कि उसमें असल जिंदगी की वास्तविकता और ईमानदारी झलकती थी।
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संदेश और मकसद के बिना नहीं बनाता कोई भी फिल्म
केसी बोकाडिया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने करियर में 70 फिल्में बनाई हैं और वे बिना किसी सामाजिक संदेश के काम नहीं करते। उन्होंने अपनी फिल्म ‘तीसरी बेगम’ का उदाहरण दिया, जिसे सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद हाईकोर्ट से राहत मिली और बाद में यूए (UA) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया।
इसके अलावा उन्होंने अनुपम खेर, अन्नू कपूर और महिमा चौधरी स्टारर अपनी फिल्म ‘सिग्नेचर’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे हर सीन को क्लाइमेक्स की तरह ट्रीट करते हैं और अपनी सोच से समझौता नहीं करते।

