नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने की दिशा में गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के बीच नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, रक्षा सहयोग, निवेश, महत्वपूर्ण तकनीकों, सप्लाई चेन और आर्थिक साझेदारी जैसे कई अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक से पहले जापानी प्रधानमंत्री का राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत किया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
AI और सेमीकंडक्टर सहयोग पर खास जोर
भारत और जापान ने भविष्य की तकनीकों को लेकर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। वार्ता के दौरान विशेष रूप से इन क्षेत्रों पर फोकस रहा—
- सेमीकंडक्टर निर्माण और सप्लाई चेन
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- महत्वपूर्ण एवं उभरती तकनीकें
- महत्वपूर्ण खनिज फार्मास्युटिकल सेक्टर
- डिजिटल इनोवेशन
- इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग
दोनों देशों का लक्ष्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और मजबूत बनाना है।
बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग और रक्षा साझेदारी पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता और मुक्त एवं नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
भारत-जापान आर्थिक रिश्तों को मिलेगी नई गति
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने व्यापार और निवेश बढ़ाने, नई औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने और निजी क्षेत्र की भागीदारी मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। भारत में जापानी निवेश बढ़ाने और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई।
तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं सानाए ताकाइची
बता दें जापान की प्रधानमंत्री 1 से 3 जुलाई तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान वह 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगी। सम्मेलन में दोनों देश—
- द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे।
- नई रणनीतिक साझेदारियों पर चर्चा करेंगे।
- वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।
- आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को नई दिशा देंगे।
साथ ही भारत प्रवास के दौरान सानाए ताकाइची भारत-जापान बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगी। इस मंच पर दोनों देशों के उद्योगपति, निवेशक और सरकारी प्रतिनिधि व्यापार, निवेश, स्टार्टअप, डिजिटल टेक्नोलॉजी और औद्योगिक सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।
75 वर्षों के रिश्ते की ओर बढ़ रहे दोनों देश
भारत और जापान के रिश्ते पिछले एक दशक में लगातार मजबूत हुए हैं। वर्ष 2014 में दोनों देशों के संबंधों को विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। वर्ष 2027 में भारत और जापान अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे, जिसे दोनों देश नई साझेदारियों के साथ ऐतिहासिक बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
पिछले साल जापान दौरे पर गए थे PM मोदी
जानकारी अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2025 में टोक्यो का दौरा कर 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। अब नई दिल्ली में हुई यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों को और नई ऊंचाई देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

