किरनापुर/बालाघाट: बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व के अवसर पर किरनापुर पुलिस द्वारा शस्त्र पूजन किया गया। इस दौरान थाना प्रभारी राजकुमार चौधरी सहित किरनापुर थाने की समस्त पुलिस टीम ने पुलिस विभाग की परंपरा के अनुरूप शस्त्रों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। विजयादशमी के पावन पर्व पर आयोजित शस्त्र पूजन शक्ति, साहस, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
शस्त्र पूजन का विशेष महत्व
भारतीय परंपरा में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। यह परंपरा इस संदेश से जुड़ी है कि शक्ति का उपयोग सदैव धर्म की रक्षा, अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और समाज में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए किया जाना चाहिए। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए थाना प्रभारी राजकुमार चौधरी एवं पुलिस टीम द्वारा शस्त्र पूजन किया गया।
पुलिस की जिम्मेदारी आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनाए रखना है
इस अवसर पर थाना प्रभारी राजकुमार चौधरी ने कहा, पुलिस विभाग की जिम्मेदारी केवल अपराधों पर नियंत्रण रखना ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनाए रखना, कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना और समाज में शांति कायम रखने के लिए निरंतर प्रयास करना भी है। ऐसे अवसर पुलिस बल को अपने कर्तव्यों, अनुशासन और जनसेवा के दायित्वों के प्रति समर्पण की याद दिलाते हैं।
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‘हर चुनौती का सामना दृढ़ता से करना चाहिए’
उन्होंने आगे कहा, विजयादशमी का पर्व हमें यह संदेश भी देता है कि सत्य और न्याय के मार्ग पर चलते हुए हर चुनौती का सामना दृढ़ता से करना चाहिए। पुलिस बल के लिए यह भावना विशेष महत्व रखती है, क्योंकि कानून की रक्षा और आमजन की सुरक्षा उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं।
किरनापुर पुलिस द्वारा विजयादशमी पर किया गया शस्त्र पूजन इसी पारंपरिक महत्व और कर्तव्य के प्रति समर्पण से जुड़ा आयोजन रहा। थाना प्रभारी राजकुमार चौधरी सहित समस्त पुलिस टीम ने इस अवसर पर सहभागिता करते हुए शस्त्रों की पूजा-अर्चना की और विजयादशमी का पर्व मनाया।

